मन को काबू करना 2022

मन को काबू करना मन , यह सुनने में एक छोटा सा शब्द हैं लेकिन इसी छोटे से शब्द ने दुनिया को अपने वश में कर रखा है। दोस्तों आज हम बात करने जा रहे हैं मन के बारे में , क्या है यह मन? कैसे हम मन को काबू कर सकते हैं? मन की अनोखी शक्तियां इत्यादि।

मन को काबू करना
मन को काबू करना

मन हमारे शरीर की महत्वपूर्ण चेतना शक्ति है। अगर मन को काबू कर लिया जाए तो यह हमें ईश्वर से भी मिलन करवा सकती है और अगर चाहे तो हमें बर्बाद भी कर सकती है। मन को वश में करना बहुत मुश्किल काम है बहुत ज्यादा मुश्किल। मन की कोई एक दिशा नहीं होती बल्कि मन दसों दिशाओं में भागता है । मन है तो हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पर, मन हमारे काबू में नहीं है।

भगवान ने भी कहा है अगर आप अपने मन को अपने वश में कर लेते हो तो आप इस संसार के सम्राट भी बन सकते हो , पर मन को काबू करना इतना भी आसान नहीं है। जब से सृष्टि का सृजन हुआ है तब से मन अपनी मनमानी करता आ रहा हैं । बड़े-बड़े ऋषि-मुनियों ने भी इसी मन को अपने वश में करने के लिए कई वर्षों तक घोर तपस्या की। कुछ को अपनी मंजिल मिल गई पर कुछ मन के सामने हार गए ।

आपने यह कहावत तो सुनी होगी “मन के हारे हार है, मन के जीते जीत”। हमारा मन उस वक्त बहुत ज्यादा निराश हो जाता हैं जब उसे उसकी मनचाही चीज नहीं मिलती। जब मन उदास हो जाता है तब हमें बहुत ज्यादा गुस्सा आता है। मन हमारे अंदर विचारों को जन्म देता हैं। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि एक दिन में हमारे अंदर 70,000 विचार आते हैं। यही नहीं बल्कि जब हम गहरी नींद में होते हैं उस समय भी हमारे मन में कोई ना कोई विचार जरूर आता है ।कई बार आपने रात को सोते समय सपना भी देखा होगा यह सब हमारे अंदर जो मन है उसी का खेल है। मन जागते समय भी हमारे अंदर विचारों का सृजन करता है बल्कि सोने के बाद भी वह शांत नहीं होता।

मन को काबू करना
मन को काबू करना

दोस्तों वैसे मन को काबू करना इतना भी आसान काम नहीं है। अगर मन को काबू करना इतना आसान होता तो शायद इस दुनिया में कोई दुखी नहीं रहता ।इस दुनिया में सभी लोग दुखी और परेशान रहते हैं क्यों ,क्योंकि उनका मन उनके वश में नहीं है ।और जब मन को कोई चीज अच्छी ना लगे तो वह इंसान के अंदर गुस्सा , द्वेष, जलन इत्यादि भावना को जन्म देता है। और धीरे-धीरे इंसान कई सारी मानसिक रोगों से ग्रस्त होने लगता है। हम यह भी कह सकते हैं कि भगवान ने यह दुनिया बनाई है, इंसान को बनाया है पर इस दुनिया में असली खेल मन का ही है। अगर आप मन को नियंत्रित कर लेते हो तो यह दुनिया आपकी एक रोमांचित रंगमंच लगने लगेगी जहां अलग-अलग पात्र (characters) बस अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

1) योग और मेडिटेशन करें

मन को काबू करने का एक बहुत अच्छा उपाय हैं रोज सुबह उठकर योग और ध्यान करें ।इससे हमारा मन धीरे-धीरे शांत होने लगेगा ।जब आप ध्यान करें तो अपने अंदर विचारों को आने दीजिए ।बल्कि आप एक दर्शक बन जाइए। आपका मन आपके अंदर किस तरह के विचारों का सृजन करता है उसे ध्यान से देखिए ।एक ऐसा समय भी आएगा कि मन खुद थक हार कर अपने घुटने टेक देगा पर यह इतना भी आसान नहीं है।

2) खुद को व्यस्त रखें

“खाली दिमाग शैतान का घर होता है” इसीलिए खुद को किसी ना किसी काम में व्यस्त रखें ।या फिर कुछ ऐसा काम करें जो आपको पसंद हो ।जब हम अपने मन को खाली रखते हैं तो हमारे अंदर काफी सारे नकारात्मक विचार ( negative thoughts) पैदा होते हैं। इसलिए कोशिश करें कि आप खुद को किसी ना किसी काम में व्यस्त जरूर रखें।

3) अपना लक्ष्य निर्धारित करें

मन को काबू करना
मन को काबू करना


आप सर्वप्रथम अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित कीजिए क्योंकि जब आप अपना लक्ष्य निर्धारित कर लेते हैं तो आपका दिल और दिमाग से आपकी लक्ष्य पर केंद्रित हो जाता है। आपके पास इतना समय नहीं होता कि आप व्यर्थ की बातों पर ध्यान दें ।इस तरह से अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करके भी आप अपने मन को नियंत्रित कर सकते हैं।

4) व्यर्थ की इच्छाओं का त्याग करें

सबसे पहले आप सांसारिक मोह माया का त्याग कीजिए क्योंकि जब हमारा ध्यान भोग-विलास की वस्तुओं की तरफ आकर्षित होता है तो धीरे-धीरे मन हमारे नियंत्रण से बाहर हो जाता है और अंत में चाहकर भी हम मन को जल्दी काबू नहीं कर सकते।
गौतम बुद्ध के चार अटल सत्य-
(1) संसार दुखों का घर है ।
(2) दुखों का मुख्य कारण हमारी इच्छाएं हैं।
(3) दुखों से छुटकारा हम इच्छाओं को त्यागकर कर सकते हैं
(4) इच्छाओं का त्याग हम अष्ट मार्ग में चलकर कर सकते हैं
हमारे महान ऋषि-मुनि और ज्ञानियों ने भी हमें यही कहा है कि अगर आप जीवन में खुश रहना चाहते हैं तो सबसे पहले अपनी इच्छाओं का त्याग करें क्योंकि इस संसार में 90 % लोग अपनी इच्छाओं की वजह से असंतुष्ट और परेशान है।

5) मन को शांत रखें

कभी-कभी मन हमारे हाथों से इस तरह बेकाबू हो जाता है कि हमें बाद में अपनी गलती का एहसास होता है । उदाहरण के लिए हम गुस्से को ले सकते हैं। कभी कभी हमारे सामने ऐसी परिस्थितियां आ जाती है की चाह कर भी हम अपने गुस्से को काबू नहीं कर पाते और बाद में हमें अपनी गलती का एहसास होता है । इसलिए कुछ भी करने और बोलने से पहले अपने मन को शांत रखे क्योंकि गलती करने के बाद मांगी गई माफ़ी व्यर्थ होती हैं।

6) अपने विचारों और कथनों पर ध्यान दें

मन को नियंत्रित करने का यह एक बहुत अच्छा तरीका है। आप रोज खुद से यह सवाल करें कि मेरे में क्या अच्छाई है और क्या बुराई है ? आप क्या बोल रहे हैं? क्या सोच रहे हैं? इन सवालों पर ध्यान केंद्रित करें ।अगर कोई चीज गलत है तो रोज अपने मन को समझाए कि यह चीज गलत है और इस गलती को मैंने अब नहीं दोहराना। मतलब कुछ बातें मन की सुने और कुछ बातें मन को सुनाएं ।धीरे-धीरे आप के मन आप कब आपके कामों में आ गया को खुद पता नहीं चलेगा।

निष्कर्ष ( conclusion )
इस तरह से हमने जाना कि मन क्या है ?मन की अनोखी शक्तियां और कैसे हम मन पर काबू पा सकते हैं? मन एक रथ की तरह है जिस पर हम सवार हैं बस हमने मन को किस दिशा में लेकर जाना है वह सब हमारे हाथों में हैं।मन को काबू करने के लिए सबसे पहले हमें मन को समझना होगा। हमें यह जानना है कि मन हमारे अंदर किस तरह के विचारों को पैदा करता है। हमें बस इन विचारों को ध्यान से देखना है और इन विचारों के बारे में सोचना है। धीरे-धीरे हमें मन को नियंत्रित करना है।हमें कभी भी मन को अपने मालिक नहीं बनने देना क्योंकि हम मन के मालिक हैं।

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