किसी को ना कैसे बोले ?

दोस्तों आज का हमारा विषय है किसी को ना कैसे बोले? किसी को ना बोलना भी बहुत मुश्किल काम है। ‘ना’ शब्द है तो बहुत छोटा लेकिन इसे बोलने से पहले भी हमे सौ बार सोचना पड़ता है कि जवाब हाँ में दिया जाए या फिर ना में। कुछ लोगों के लिए हर काम के लिए मना करना बहुत आसान होता है और वहीं पर कुछ लोगों के लिए यह बहुत मुश्किल काम होता है। कभी-कभी लोग दुविधा में होते हैं कि अगर मैने हां कह दिया तो मुझे उसके साथ जाना पड़ेगा या फिर वो काम करना ही पड़ेगा । और अगर मैने जवाब ना में दिया तो सामने वाले इंसान को बुरा लग सकता है।

दोस्तों आज का हमारा विषय है किसी को ना कैसे बोले? किसी को ना बोलना भी बहुत मुश्किल काम है। ‘ना’ शब्द है तो बहुत छोटा लेकिन इसे बोलने से पहले भी हमे सौ बार सोचना पड़ता है कि जवाब हाँ में दिया जाए या फिर ना में। कुछ लोगों के लिए हर काम के लिए मना करना बहुत आसान होता है और वहीं पर कुछ लोगों के लिए यह बहुत मुश्किल काम होता है। कभी-कभी लोग दुविधा में होते हैं कि अगर मैने हां कह दिया तो मुझे उसके साथ जाना पड़ेगा या फिर वो काम करना ही पड़ेगा । और अगर मैने जवाब ना में दिया तो सामने वाले इंसान को बुरा लग सकता है।

किसी को ना कैसे बोले
किसी को ना कैसे बोले

अब यह आपके ऊपर निर्भर करता है कि आपके सामने कौन है जिसको आप मना कर रहे हो । आपकी जिंदगी में उसका कितना महत्व है ? कुछ लोग अपने रिश्ते को बनाए रखने के लिए हाँ बोल देते है। वो नही चाहते हैं कि उनका एक छोटा सा शब्द’ना’ उनके रिश्ते की मधुरता को कम कर दे। जब हम किसी को ‘ना’ बोलते है तो सामने वाले इंसान को बुरा लग सकता है और उसके साथ आपके रिश्ते पर भी नकरात्मक असर पड़ सकता है।।

जब आप अपने रिश्ते को बचाए रखने के लिए हाँ बोलते हैं तो यह गलत होगा क्योंकि इससे धीरे-धीरे आपको महसूस होने लगेगा कि आप अपनी प्राथमिक कामों पर ध्यान नहीं दे पा रहे हो। लोगों को खुश करने के लिए कभी भी अपनी इच्छाओं और जरूरतों को नजरअंदाज न करें। इसे हम people pleasing behaviour कहते है और आपका यही बिहेवियर आपके जीवन में परेशानियों का कारण बन सकता है। आप धीरे-धीरे घुटन महसूस करने लगेंगे। इसीलिए आपका भी हक बनता है कि आप भी अपनी जिंदगी में खुश रहे और अपनी इच्छाओं को पूरा करे । कभी भी किसी दूसरे इंसान को खुश करने के चक्कर में खुद को ना भूल जाए क्योंकि आपको अपनी एक पहचान बनानी है ताकि यह दुनिया भी जान सके कि आप कौन हो ? आप क्या कर सकते हो ? दूसरों को हर काम में हाँ बोलने से अच्छा है आप अपने लक्ष्य और जरुरतों पर ज्यादा ध्यान दे।

किसी को ना बोलना कैसे शुरू करें ?

1. हर काम के लिए ना बोले

आप हमेशा ना बोलने की आदत डालें। जब आप हर किसी को ना बोलते है तो आप खुद के अंदर बहुत से बदलाव देखेंगे । यह जहरूरी नहीं है कि आप गुस्से में ही ना बोले बल्कि आप नार्मली भी किसी को मना कर सकते हैं। किसी को ना बोलने से पहले ज्यादा ना सोचे और ना ही कोई बहाना बनाए आप सीधा-सीधा मना कर सकते हो। इससे यह होगा कि सामने वाले इंसान को पता है कि आपने ना में जवाब देना है इसलिए वो अगली बार से कोशिश भी नहीं करेगा।

2. ना बोलने से पहले सोचे

ना बोलने से पहले एक बार जरूर सोचे कि आप ना किसको बोल रहे हो। अगर आपके सामने वाला व्यक्ति आपका कोई करीबी रिश्तेदार है तो एकदम से ना मत बोले क्योंकि इससे आपके रिश्ते भी खराब हो सकते हैं। पहले आप कुछ देर तक सोच-विचार करे और फिर उसके बाद कोई बहाना बना दे ताकि सामने वाले को भी बुरा ना लगे । जब आप एकदम से किसी भी काम के लिए मना करते हो तो इससे आपके रिश्ते भी खराब हो सकते हैं ।

3. खुद को समय दे

आप आप हर वक्त दूसरों को समय देते हो उससे अच्छा है कि आप खुद को समय दें और खुद को जानने की कोशिश करें। हर बार दूसरों की खुशी की लिए हर काम मे हाँ करना भी सही नहीं है। आप नहीं बोलना सीखे । खुद को जानने की कोशिश करे और खुद का ख्याल रखें क्योंकि जब तक आप खुद को समय नहीं दोगे और खुद की कदर नहीं करोगे तो कोई दूसरा इंसान भी आपकी कदर नहीं करेगाा।

4. देर न करें

ना बोलने से पहले एक बार सामने वाले इंसान की बात को अच्छे से सुने और समझे। जब आपको लगे कि सामने वाले का काम बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है तो उसका काम पहले करे | पर इस बात का ध्यान रखें कि इसका प्रभाव आपके व्यक्तिगत जीवन पर ना पड़े । क्योंकि जब बाहरी चीजों का असर आपके निजी जीवन में होने लगता है तो आपके जीवन में समस्याएँ उत्पन्न हो जाती है और इन बातों से आप तनावग्रस्त रहने लगते हैं।

किसी को ना बोलने के फायदे

किसी को ना कैसे बोले
किसी को ना कैसे बोले


1 ) जब आप किसी को हर काम के लिए ना बोलना शुरू करते हो तो इसका आपके जीवन में बहुत सकरात्मक प्रभाव पड़ने लगता है। आप खुद पर ध्यान देने लगते हो और खुद की केयर करना शुरू कर देते हो। अब आपके पास समय होता है कि आप अपने लक्ष्य की तरफ ध्यान दे सको ।

2 ) इसके साथ-साथ आप अपना कीमती समय अपने परिवार को भी दे सकते हो । उनके साथ समय बिताकर आप अपनी एक अच्छी यादें बना सकते हो ।

3 ) जब आप ना बोलना सीख जाते हो तो आपके ऊपर किसी भी तरह का दबाव नहीं रहता कि अगर मैंने उसको मना किया तो उसको बुरा लगेगा। आप एकदम टेंशन फ्री हो जाते ही और आप अपने जीवन में खुश रहने लगते हो ।

निष्कर्ष


इस तरह से हमने जाना कि हम किस तरह से किसी को ना बोल सकते हैं। इसके क्या फायदे है? दोस्तों शुरुआत में आपको बहुत सारी दिक्कते आएंगी ।शायद शुरुआत में आपका दिल भी आपका साथ ना दे लेकिन जब आप किसी को ना बोलना शुरू करते हो तो इससे आपको व्यक्तिगत जीवन में काफी सारे बदलाव देखने को मिलेंगे जिसे देखकर आप हैरान हो जाओगे। आप दूसरों से ज्यादा खुद पर ध्यान देने लगोगे। आपका ध्यान सिर्फ और सिर्फ आपके लक्ष्य पर होगा। दोस्तों दूसरों की मदद करना अच्छी बात है लेकिन इस मदद का असर आपके व्यक्तिगत जीवन में नहीं पड़ना चाहिए । मदद करने की भी एक सीमा रेखा होना चाहिए | शुरूआत में ना बोलना आपके लिए थोड़ा मुश्किल होगा पर आप एक बार कोशिश जरूर कीजिएगा क्योंकि ना बोलने के फायदे बहुत सारे है।

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