2022 गलत संगत छुड़ाने के उपाय

गलत संगत छुड़ाने के उपाय दोस्तों आज हम बात करने जा रहे है बुरी संगति के बारें में। क्या है बुरी संगति ? कैसे बुरी संगति हमारे जीवन को बर्बाद कर सकती ? और कैसे हम बुरी संगति से बच सकते ? हमारे जीवन में संगति का बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है अब यह हम पर निर्भर करता है कि हम कैसी संगति में रहना पसंद करते हैं अच्छी संगति या फिर बुरी संगति। जैसे एक गंदी मछली पूरे तालाब के पानी को गंदा कर देती है वैसे ही एक बुरी संगति भी हमारे जीवन को बर्बाद कर सकती हैं ।

गलत संगत छुड़ाने के उपाय
गलत संगत छुड़ाने के उपाय

संगति हमेशा अच्छे लोगों की करनी चाहिए क्योंकि इनसे हमे बहुत कुछ सीखने को मिलता है, और हमारे जीवन में तरक्की के दरवाजे भी खुल जाते हैं। कहते हैं कि किसी बुरी आदत को डालने में 10 दिन काफी है लेकिन अच्छी आदत डालने मे सालों साल लग जाते है। बुरी संगति हमें कुछ दिनों तक अच्छी लगती है लेकिन धीरे-धीरे हम कब बर्बादी की तरफ आगे बढ़ने लगते है हमे खुद पता नही चलता। एक अच्छी संगति हमें जीवन में इतना सफल इंसान बना सकती है कि हमें जीवन में कभी भी पीछे मुड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी ।

अब यह हम पर निर्भर करता है कि हम कैसी संगति में रहना चाहते हैं। अच्छे लोगों की संगति में रहकर मनुष्य के वाणी, बुद्धि और आचरण में सुधार देखने को मिलता है। अच्छी संगति में रहना एक कठोर तपस्या के समान है क्योंकि मनुष्य का यह मन बहुत ज्यादा चंचल है। इस मन को नियंत्रित करना बहुत मुश्किल है। बड़े-बड़े ऋषि-मुनि और ज्ञानी भी इस मन को नियंत्रित करने में सालों तक कठोर तपस्या करते थे तब जाकर उनका यह मन उनके नियंत्रण में रहता था।

आज के समय में हम पहले की तरह कठोर तपस्या तो नहीं कर सकते पर अच्छी संगति में रहकर बहुत कुछ जरुर सीख सकते है। आज के समय में अच्छी संगति में रहकर अच्छे बने रहना बहुत मुश्किल है क्योंकि यह कलयुग है। कलयुग में बुराई बहुत ज्यादा है और अच्छाई बहुत कम है। बस हमें यह पहचानना है कि अच्छे लोग कौन से है और बुरे लोग कौन है? किसी की संगति में रहकर ही पता चलता है कि वह इंसान कैसा है? हम किसी को देखकर ऐसे ही अंदाजा नहीं लगा सकते कि यह इंसान अच्छा है या बुरा है ?

गलत संगत छुड़ाने के उपाय

गलत संगत छुड़ाने के उपाय
गलत संगत छुड़ाने के उपाय


उदाहरण के लिए हम महर्षि वाल्मीकि को ले सकते है।आप सभी महर्षि वाल्मीकि को तो बहुत अच्छे से जानते होंगे जिन्होंने रामायण की रचना की थी। कोई यह कह सकता है कि वाल्मीकि पहले एक डाकू थे । नहीं ना । जी हाँ दोस्तों वाल्मीकि पहले एक डाकू थे जो देवर्षि नारद की संगति में आकर एक तपस्वी बन गए । उन्होंने घोर तपस्या की उसके बाद वह वाल्मीकि नाम से प्रसिद्ध हुए। इस तरह से एक अच्छी संगति जीवन को उज्जवल बना देती है।

कैसे हम बुरी संगति से बच सकते हैं ?

1. अच्छे लोगों की संगति में रहिए

सबसे पहले आप अच्छे लोगो की संगति में रहिए । अच्छे लोगों की संगति में रहकर मूर्ख इंसान भी बुद्धिमान बन जाता है। हमारी वाणी और आचरण में भी काफी ज्यादा सुधार होने लगता है । अच्छी संगति हमारे जीवन में सफलता के द्वार को खोल देती है। जीवन को एक नई दिशा देती है और हर वक्त हमें कुछ नया सीखने को मिलता है।

2. लक्ष्य निर्धारित करे

सबसे पहले आप अपने जीवन का एक लक्ष्य निर्धारित करें | लक्ष्य ही हमारे जीवन को एक नई दिशा देती है कि हमें क्या करना चाहिए ? और हम क्या क्या कर सकते है? आप खुद को इतना ज्यादा व्यस्त रखिए कि आपके मन में बुरा विचार न आए । जब आपके दिमाग में कोई बुरा विचार नही आएगा तो आप बुरे लोगों की संगति में भी नहीं रहोगे।

3. दिमाग में सकारात्मक विचार लाए

यह काम थोड़ा-सा मुश्किल है पर नामुमकिन नहीं है। मनुष्य का दिमाग ऐसा है कि वह ना चाह कर भी नकरात्मक चीजों के बारे में बहुत ज्यादा सोचने लगता है। इंसान करना कुछ और चाहता है पर उसके दिमाग में कुछ और चल रहा होता है। किसी अच्छी आदत को डालने में समय लग जाता है पर बुरी आदत को डालने में कुछ ही दिन लगते है । लेकिन बुरी आदते हमे बर्बाद कर सकती है और शायद हमारे जीवन में सफलता के दरवाज़े हमेशा-हमेशा के लिए बंद कर दें।

4. खुद को चुनौती दे

यह उपाय काफी हद तक काम करेगा । खुद को चुनौती दे कि मैंने यह काम किसी भी हालत में करना है। जब आप किसी चुनौती का सामना करते हो तो आपको अपनी कुछ बुरी आदते भी जरूर छोडनी पड़ेगी। आपकी बुरी आदते धीरे-धीरे कब छूट जाएगी आपको खुद पता नहीं चलेगा। इंसान की एक आदत यह है कि अगर उसे नॉर्मली कोई काम करने के लिए कहा जाए तो वो उस काम को करना तो दूर की बात है बल्कि उस काम के बारे में सोचेगा भी नहीं।

लेकिन वही काम उसे एक चुनौती के रूप में दिया जाए तो वह दिन-रात मेहनत करके भी उस चुनौती की पार करने के बारे में सोचता रहेगा । इसीलिए अगर आप बुरी संगति से बचना चाहते हो तो खुद को चुनौती दे या फिर किसी के द्वारा दी गई चुनौती को स्वीकार कर लें।

निष्कर्ष

इस तरह से हमने जाना कि कैसे हम बुरी संगति से बच सकते हैं ? कैसे एक बुरी संगति हमारे जीवन को नरक बना सकती है। यह हम पर निर्भर करता है कि हम कैसी संगति में रहना पसंद करते है। एक अच्छी संगति में रहकर एक मूर्ख भी विदवान बन जाता है। उसके जीवन में सफलता के द्वार खुल जाते है। बुरी आदत हो या बुरी संगति हो उनसे छुटकारा पाना बहुत मुश्किल काम है। कहते हैं कि लक्ष्य हो या संगति हमेशा सोच समझकर करनी चाहिए |

बिना लक्ष्य के जीवन अधूरा होता है और बुरी संगति जीवन को बर्बाद कर सकती है। गलत लोगों की संगति में रहकर कुछ समय के लिए खुशी तो ज़रूर मिलती हैं लेकिन हमे आगे चलकर बहुत सारी मुश्किलों का सामना भी करना पड़ सकता है। अब यह निर्णय आपको करना हैं कि आप कैसी संगति में रहना चाहते हो अच्छी संगति में या फिर बुरी संगति में।

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