Bhutiya kahani | भूत की कहानी डरावनी 2022


Bhutiya kahani भूत की कहानी डरावनी वैसे तो हमारे जीवन में कई ऐसे किस्से हैं जिन्हें हम कहीं ना कहीं किसी मोड़ पर एक घटना के रूप में जोड़ते हैं अब यह निर्भर करता है कि घटना में किस चीज पर आधारित है। कई बार हम दूसरों के बारे में सोचते हुए अपने खुद के अनुभव को भूल जाते हैं जैसे कि एक बार मीरा के साथ हुआ । मीरा की उम्र सुलह साल की थी जो बहुत ही समझदार और हंसमुख स्वभाव की थी । वह अपने माता पिता की इकलौती लाडली बेटी थी। मीरा जब भी अपनी सहेलियों के साथ बाहर खेलने जाती थी तो सब कुछ भूल जाती थी। धीरे-धीरे मीर बड़ी हो रही थी उसके लंबे रेशमी बाल उसके खिलखिलाते चेहरे में उसकी सुंदरता में चार चांद लगाते थे ।

मीरा की सहेली पायल कई बार उसे समझाती थी कि वह बाहर बाल खुले ना रखें और जोर-जोर से ना हंसे पर मीरा किसी की नही सुनती थी बस अपनी धुन में सवार रहती थी। एक दिन मेरा और उसकी सहेली अपनी छत पर थे उन्होंने दूर से कोई पतंग आती देखी जो बहुत ही बड़ा और चमकीले रंग का था जिसे देखकर किसी का भी मन आकर्षक हो जाता था। दोनों दौड़ते हुए किसी घर के के बगीचे में जा पहुंचे जहां एक पीपल का पेड़ था वह पतंग उस पीपल के पेड़ में फस गई थी। दोनों सहेलियों ने बड़ी मुश्किल से उस पतंग को पेड़ से निकाला।

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दौड़ने के कारण मीरा के रेशमी बाल भी खुल गए थे और जोर से हंसते हैं वे उस पतंग को निकालने लगी अचानक मेरे को कुछ लगा जैसे उसके पीछे कुछ गिरा उसने पलट कर देखा तो है एक पेड़ की टहनी थी जो मीरा पर गिरी फिर दोनों सहेलियां अपने-अपने घर चली गई दोनों सब कुछ भूल गए ।मीरा के बर्ताव में उस दिन के बाद से काफी बदलाव आ गया था। अपने बालों को हमेशा खुला रखती थी और अक्सर घर से बाहर उसी पेड़ के आसपास घूमती रहती। अपनी मां की भी एक नहीं सुनती थी और धीरे-धीरे उसकी मां को लगा जैसे मीरा में कुछ बदलाव आ रहा है वह घर के कामों में अपनी मां की मदद भी नहीं करती थी बस सारा दिन शीशे की आगे अपने आप को निहारती और तैयार होती ।मीरा अब घर में किसी की बात भी नहीं मानती थी सारा दिन अपने आप में खोई रहती थी।अक्सर अपनी सहेली पायल के साथ भी झगड़ा करती रहती थी और अब उसे अकेला रहना अच्छा लगने लगा था।

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कई बार तो उसकी मां ने उससे पूछा पर मीरा ने कोई जवाब नहीं दिया वह अपने आप में ही खोई रहती थी।एक दिन मीरा की मां को उसकी पड़ोसन ने बताया कि पास में एक पीपल का पेड़ है जिसमें बहुत साल पहले किसी महिला की मृत्यु हो गई थी । दरअसल वह महिला अपने लंबे बालों को हमेशा खुले रखती थी और सारा दिन शीशे के सामने खुद को निहारती रहती थी। वह अपने घर का कोई काम भी काम नहीं करती थी। एक दिन उस महिला का पति घर जल्दी घर आ गया और उसने खाना भी नहीं बनाया था जिसके बाद में दोनों पति-पत्नी का झगड़ा हो गया और बात इतनी बढ़ गई कि पति ने उसका हाथ पकड़ कर घर से बाहर निकाल दिया और उसकी पत्नी का सर पीपल के पेड़ से टकरा गया और उसकी मौत हो गई ।उसका पति भी गुस्से में बाहर चला गया उसने पलट कर नहीं देखा उसे लगा उसकी पत्नी चोट खाकर गिर गई है । आज भी वह महिला उसी पेड़ के आसपास घूमती रहती है । जब मीरा उस पेड़ के पास गई तो उसके लंबे बालों को देखकर वो महिला उसक बालों में रहने लगी।

अब मीरा की मां को समझ आ गया कि मीरा के बदलाव क्यों आ रहे थे। वह तुरंत ही पास के एक फकीर के पास गई और अपनी सारी बात बताई। उस फकीर ने उसे एक शीशी और ताबीज दिया कहा कि इस ताबीज को मीरा के तकिए के नीचे रख देना और इस बोतल में मीरा के बालों को काटकर डाल देना। मीरा की मां ने यही किया और सुबह होते ही वह इसी में रखे हुए बालों को लेकर उस फकीर बाबा के पास पहुंच गई। बाबा ने जब बोतल में रखे हुए बालों में फूंक मारकर उसे उसी पेड़ पर ही लटका दिया जिस पर वह महिला रहती थी। धीरे-धीरे मीरा ठीक होती गई । अब मीरा पहले की तरह खुश रहने लगी और घर के कामों में भी मदद करने लगी। जब भी वह अपनी सहेलियों के साथ भी अक्सर घूमा करते थे उसके दिल में एक डर बैठ गया था कि कुछ भी हो जाए बस मैने उस पेड़ के नीचे नही जाना और अब वह बाहर जाते समय भी अपने बालों को अच्छे से बांध लेती थी।


मीरा की मां आज भी उस घटना को जब भी याद करती थी वह डर जाती थी उसे यह डर सताता रहता है कि वह महिला आज भी उसी पेड़ के आसपास घूम रही है और ना जाने वह कब किस पर हावी हो जाए और इसी डर से कई बार अक्सर पेड़ को ही देखा करती थी। उसे डर था जो मीरा के साथ हुआ वह किसी अन्य के साथ ना हो । इसीलिए वे इस किस्से को जड़ से खत्म करना चाहती थी इसलिए वह दुबारा से उस फकीर के पास गई और उस महिला को मुक्ति के बारे में पूछा। बाबा ने कहा तुम्हें अगर सब कुछ हमेशा के लिए जड़ से खत्म करना है तो पहले उस पेड़ को कटवाना होगा और उस बोतल में कैद बालों को किसी नदी में प्रवाहित करना होगा जिससे वह हमेशा हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। और इससे छुटकारा पाया जा सकता है इसके लिए मीरा की मां ने ऐसा ही किया। उसने जल्द से जल्द इस पेड़ को कटवा दिया और उस बोतल को भी नदी में प्रवाहित करके इस तरह से उस पीपल के पेड़ के भूत को उन्होंने हमेशा के लिए छुटकारा पा लिया।

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इस घटना ने उनके जीवन में इतना ज्यादा प्रभाव डाला कि जब भी वह बाहर जाती है तो उस घटना को याद करके उनका दिल जोर जोर से धड़कने लगता है मानो वो महिला अभी भी उनकी आंखों के सामने है । दोस्तों इस दुनिया में कुछ चीज़े ऐसी होती है कि जिसका जवाब शायद हमारे साइंस के पास भी नही है लेकिन इस दुनिया में उनका अस्तित्व है ।

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