लोग क्या सोचेंगे यह तुम बात सोचो

दोस्तों आज का हमारा विषय है लोग हमारे बारे में क्या सोचते हैं ?अगर हमने जीवन में सफल होना है तो हमे यह बात नहीं सोचनी चाहिए कि लोग हमारे बारे में क्या सोचते है क्योंकि जीवन हमारा है, लक्ष्य हमारा है, जीवन का सुख-दुख हमारा हैं तो हम लोगों की परवाह क्यों करे | जब हम जीवन में अपना एक मुकाम हासिल कर लेते है तब यही लोग हमारी तारीफे करते नहीं थकते। दोस्तों कभी यह मत सोचिए कि लोग आपके बारे में क्या सोचते है और क्या कहते है क्योंकि जब हमारा वक्त बदलता है तो लोगों को बदलते देर नहीं लगती। जब हम जीवन में सफल हो जाते है तो लोगों को हमारा बीता हुआ कल याद नहीं रहता कि हमने पहले क्या किया था बल्कि आज हम क्या करते हैं लोगों को इससे फर्क पड़ता है। कई लोग तो दुनिया क्या कहेगी इस डर से कुछ नहीं कर पाते। और ऐसे लोग जीवन में कभी सफल नहीं पाते ।
लोग आपके बारे में क्या सोचते है इसे आप नियंत्रित नहीं कर सकते पर आप स्वयं के बारे में क्या सोचते हो यह सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। और हाँ, अगर आपको अपने अंदर की कमी को जानना है तो आप दुनिया की बातों को सुन सकते हो क्योंकि कमियां निकालने में यह दुनिया बहुत माहिर है। हम लोगों की सोच को बदल तो नहीं सकते पर दुनिया को अपनी सोच बदलने के लिए मजबूर जरूर कर सकते हैं। आपको सबसे पहले अपने जीवन का एक लक्ष्य निर्धारित करना होगा ताकि आप जिस मंजिल के लिए निकल पड़े हो आपको उसकी पता होना चाहिए ।

दोस्तों आज का हमारा विषय है लोग हमारे बारे में क्या सोचते हैं ?अगर हमने जीवन में सफल होना है तो हमे यह बात नहीं सोचनी चाहिए कि लोग हमारे बारे में क्या सोचते है क्योंकि जीवन हमारा है, लक्ष्य हमारा है, जीवन का सुख-दुख हमारा हैं तो हम लोगों की परवाह क्यों करे | जब हम जीवन में अपना एक मुकाम हासिल कर लेते है तब यही लोग हमारी तारीफे करते नहीं थकते। दोस्तों कभी यह मत सोचिए कि लोग आपके बारे में क्या सोचते है और क्या कहते है क्योंकि जब हमारा वक्त बदलता है तो लोगों को बदलते देर नहीं लगती। जब हम जीवन में सफल हो जाते है तो लोगों को हमारा बीता हुआ कल याद नहीं रहता कि हमने पहले क्या किया था बल्कि आज हम क्या करते हैं लोगों को इससे फर्क पड़ता है। कई लोग तो दुनिया क्या कहेगी इस डर से कुछ नहीं कर पाते। और ऐसे लोग जीवन में कभी सफल नहीं पाते ।
लोग आपके बारे में क्या सोचते है इसे आप नियंत्रित नहीं कर सकते पर आप स्वयं के बारे में क्या सोचते हो यह सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। और हाँ, अगर आपको अपने अंदर की कमी को जानना है तो आप दुनिया की बातों को सुन सकते हो क्योंकि कमियां निकालने में यह दुनिया बहुत माहिर है। हम लोगों की सोच को बदल तो नहीं सकते पर दुनिया को अपनी सोच बदलने के लिए मजबूर जरूर कर सकते हैं। आपको सबसे पहले अपने जीवन का एक लक्ष्य निर्धारित करना होगा ताकि आप जिस मंजिल के लिए निकल पड़े हो आपको उसकी पता होना चाहिए ।

लक्ष्य के बिना जीवन वैसा ही है जैसे कोई बिना पते के घर ढूंढने निकल पड़ता है। अगर हमे जीवन में आगे बढ़ना है तो अपनी मंजिल तय कीजिए इससे जीवन आसान हो जाएगा | राह में मुश्किलें भी होंगी पर इन मुश्किलों से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। दोस्तों कहते हैं कि जो गम हमे वक्त और हालात देते है वो हमें बहुत कुछ सीखा देते हैं। वक्त और हालात दुनिया की ऐसी किताब है जिसे हम पढ़ नहीं सकते पर अनुभव जरूर कर सकते हैं। आप अपने जीवन को एक खुली किताब की तरह मत रखो कि कोई भी सिर्फ ऊपर – ऊपर से पढ़ कर चला जाए बल्कि अपने जीवन की किताब लोगों के सामने ऐसे पेश करो जिससे उन्हें जीवन की सीख मिल जाए |

अगर आपने जीवन का असली ज्ञान लेना है तो वक्त और हालात का इंतजार करो क्योंकि जब बुरा वक्त और बुरे हालात जीवन में प्रवेश करते है तो इंसान को पूरी तरीके से तोड़ने की कोशिश करते हैं, उस समय अगर उस इंसान ने इसका डटकर सामना कर लिया तो उसे जीवन में आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता ।

लोगों की परवाह किए बिना जीवन में आगे कैसे बढ़े?

1. अपना लक्ष्य निर्धारित करो

सबसे पहले अपना एक लक्ष्य निर्धारित करो। खुद को जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार रखो । जीवन में चुनौतियाँ हमारा बेसब्री से इंतजार कर रहे होंगे और उसी समय लोग भी हमारे बारे में कोई न कोई राय जरूर बना रहे होंगे । जब समय बदलता है तो लोगों की राय बदलते देर नहीं लगती। इसीलिए दोस्तों जीवन में सर्वप्रथम अपना लक्ष्य निर्धारित कीजिए |

2. खुद से प्यार करें

किसी दूसरे इंसान को प्यार सब करते है कभी मौका मिले तो खुद से भी प्यार करके देखो जीवन कब आसान हो जाए आपको खुद पता नहीं चलेगा। खुद से प्यार करो , बातें करो आप धीरे-धीरे खुद की समझने लगेंगे। फिर शायद आपको जीवन में दूसरों की जरूरत ना पड़े ।

3. अपने बारे में सोचें

लोग आपके बारे में क्या सोचते है? यह लोगों पर छोड़ दो पर आप खुद के बाद में क्या सोचते हो यह ज्यादा महत्वपूर्ण है। चिंतन नहीं बल्कि आत्म-चिंतन कीजिए। खुद को जानने में इतने ज्यादा मशरूफ हो जाओ कि आपके पास यह सुनने के लिए भी समय न हो कि लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं।

4. अपने अंदर का डर निकाल दे

हमारी सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोग हमारे बारे में क्या सोचते है? इस डर से जीवन में कुछ नहीं कर पाते । जब वक्त हमारे हाथों से निकल जाता है तब हमे पछतावा होता है कि काश उस दिन वो काम कर लिया होता। जीवन में चुनौतियाँ भी बहुत सारी आएंगी पर जीवन आपको एक मौका जरूर देगी । उस हालात को हम “करो या मरो “कह सकते हैं। अब यह बस आप यह निर्भर करता है कि आप उस समय मौके को अपने हाथों में कैसे लेते हो या फिर दुबारा से लोग आपके बारे में क्या सोचते है इस डर से कुछ नहीं कर पाते हो ।

निष्कर्ष
इस तरह से हमने जाना कि हम जीवन में कैसे सफल हो सकते हैं ? लोगों का काम है हमारे बारे में सोचना और बातें बनाना पर इससे हमें फर्क नहीं पढ़ना चाहिए। अगर हम लोगों की परवाह करने लग जाए तो हमारी जिंदगी वही पर रुक जाती है । हम कुछ सोच नहीं पाते कि हम अगर ऐसा करेंगे तो लोग हमारे बारे में क्या सोचेगी। दुनिया वालों को सोचने दो क्योंकि लोग भी वक्त और हालात देखकर बदल जाते हैं। कहते हैं कि दुनिया वाले भी ऐसे समय में वार करते है जब आप सबसे ज्यादा कमजोर होते हो। दोस्तों सबसे पहले आप अपना वक्त बदलो क्योंकि जब वक्त बदलता है तो हालात बदलते भी देर नहीं लगती। कुछ लोग जीवन को किस्मत के भरोसे छोड़ देते हैं लेकिन किस्मत बनानी पड़ती है। लोग कहते है कि आपना टाइम आएगा लेकिन अपना टाइम आएगा नही बल्कि अपना टाइम लाना पड़ेगा । समय को भी इस कद्र मजबूर कर दो कि हमारे सामने घुटने टेक ले। ख़ुद को इतना ज्यादा मजबूत कर लो कि दुनिया की बातों से आपको बिल्कुल भी फर्क ना पड़े।

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