रशिया ने खुलासा किया अपने रोबोटिक ग्रेनेड लॉन्चर डॉग को

1. ड्यूक यूनिवर्सिटी ने एक खास तरीके का हाइड्रोजन बेस आर्टिकुलर कार्टिलेज तैयार किया है जो आपके नैचुरल कार्टिलेज को रिप्लेस कर सकता है 

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दोस्तों जैसे-जैसे इंसान की उम्र बढ़ती है उसके घुटने में भी प्रोब्लम होने लगती है और आखिरकार डॉक्टर यही कहते है कि आपको Knee Replacement Surgery करवाना होगा । लेकिन आने वाले वक्त में ये सर्जरी किसी को भी नहीं बताई जाएगी क्योंकि ड्यूक यूनिवर्सिटी ( Duke University )के रिसर्चर्स ने एक खास तरीके का हाइड्रोजन बेस आर्टिकुलर कार्टिलेज ( Articular Cartilage ) तैयार किया है जो कि आपके नैचुरल कार्टिलेज को रिप्लेस कर सकता है । यह जेल बेस्ड सब्सिट्यूट होगा और आपके नेचुरल कार्टिलेज से बेहतर होगा क्योंकि टेस्ट के अंदर इसकी परफॉरमेंस नेचुरल कार्टिलेज से भी बढ़िया आई है । नैचुरल कार्टिलेज करीबन 2630 KG सहन कर सकता है लेकिन यह 3860 KG सहन कर गया ।

2. यूनिवर्सिटी ऑफ़ वारविक की रिसर्च के अनुसार मैग्नेट से ऑक्सीजन को जनरेट करके एस्ट्रोनॉट्स को प्रोवाइड किया जा सकता है और भविष्य में यही हमारे मार्स मिशन को सफल बनाने में हमारी मदद करेगा 

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दोस्तों आपको नासा के मून मिशन के बारे में तो पता ही होगा वहां पर ऑक्सीजन जनरेट करने के लिए वो चांद की मिट्टी का इस्तेमाल करेंगे और उसी से ऑक्सीजन बनाएंगे लेकिन मार्स के ऊपर ऐसा नहीं किया जा सकता । अगर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की बात की जाए तो वहां पर पानी से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को अलग करने के लिए इलेक्ट्रोलाइट सेल का यूज़ किया जाता है जिसके बाद में उसमें से जो ऑक्सीजन मिलता है उसे वहां के एस्ट्रोनॉट्स को प्रोवाइड कर कर दिया जाता है । लेकिन मार्स के ऊपर ना मून वाली टेक्निक काम आयेगी और ना ही इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन वाली टेक्निक वहां पर सिर्फ मैग्नेट वाली टेक्निक काम आयेगी । दरअसल यूनिवर्सिटी ऑफ़ वारविक ( University of Warwick ) जोकि इंग्लैंड के अंदर मौजूद हैं, वहां के रिसर्चर्स ने मैग्नेट से ऑक्सीजन जनरेट करने का प्लान बनाया है, जोकि वही सेम चीज़ करेगी जोकि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर इलेक्ट्रोलाइट सेल कर रहे हैं तो यहां पर पानी से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को स्प्लीट कर दिया जाएगा जोकि मार्स के ऊपर मिलेगा और उससे वहां पर जो भी एस्ट्रोनॉट्स जाकर रहेंगे उनको ऑक्सीज़न प्रोवाइड की जाएगी।

3. हेनेकेन ( Heineken )एक बीयर ब्रैंड कम्पनी है जिसने तैयार किया हाइनेकिक्स ( Heinekicks )स्नीकर जो एक बीयर से भरी हुई शूज है 

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दोस्तों हेनेकेन ( Heineken )एक बीयर की ब्रैंड है लेकिन अब इन्होंने अपने जूते भी तैयार कर दिए हैं जो बियर से ही बनाए गए है । इसका नाम रखा गया है हाइनेकिक्स ( Heinekicks )स्नीकर जिसके सोल के अंदर इन्होंने बियर भर रखी है हालांकि इसे आप निकाल कर पी नही सकते लेकिन जब आप चलोगे तो इसके अंदर बियर भी हिलेगी जैसे बच्चों के लिए लाइट वाले शूज होते है उसी तरीके से यह भी है लेकिन इंडिया के अंदर इस शूज को आने में थोड़ा टाइम लगेगा ।

4. रशिया के दो कॉस्मोनॉट्स स्पेस वॉक के लिए गए थे लेकिन उसमें से एक एस्ट्रोनॉट के स्पेसशूट में हुई गड़बड़ी जिसकी वजह से उसे तुरंत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के अंदर जाना पड़ा 

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 दोस्तों रशिया के दो अंतरिक्ष यात्री ( cosmonaut ) स्पेस वॉक करने के लिए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से बाहर गए थे। वह दोनों किसी गार्डन में घूमने के लिए नहीं गए थे बल्कि वहां पर कुछ रिपेयरिंग का काम करने गए थे। यही पर एक कॉस्मोनॉट के साथ में कुछ मैलफंक्शन ( Malfunction ) हो गया , एक्जैक्ट क्या हुआ था यह तो मालूम नहीं लेकिन उसके स्पेससूट के अंदर बैटरी का इश्यू था शायद उस बैटरी में फ्लक्चुएशन ( Fluctuation ) हो रही थी तो बैटरी में शायद उतनी ज्यादा पावर नहीं रही होगी तो उसको तुरंत ही वापस इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के अंदर जाना पड़ गया।हालांकि कोई भी खतरे वाली बात नही थी जो दूसरा कॉस्मोनॉट था वो पूरे एक घंटे तक बाहर रहा है अपना पूरा काम करने के बाद ही वापस इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के अंदर गया है ।इस घटना की वजह से अब शायद नेक्स्ट जनरेशन वाले स्पेसशूट को लेने में अब ज्यादा वक्त नहीं है । 

5. अमेरिका की डॉज कम्पनी ने नई इलेक्ट्रिक मसल कार कॉन्सेप्ट का खुलासा किया जो चैलेंजर और चार्जर की जगह ले सकती है

दोस्तों इंडिया के अंदर लोग रॉयल एनफील्ड बाइक ( Royal Enfield Bikes) इस वजह से लेते है क्योंकि वो दूसरी बाइकों से हटकर होती है और उसका साउंड भी दूसरी बाइकों से बिल्कुल ही हटकर होता है । अगर आपको पता चले कि रॉयल एनफील्ड भी अब इलेक्ट्रिक बाइक बनाने जा रहा है तो क्या आप इलेक्ट्रिक बाइक की तरफ जाओगे?आप कहोगे फिर उसमें वो एग्ज़ॉस्ट साउंड ( Exhaust Sound )नहीं मिलेगा।अब कार के अंदर सेम यही चीज़ हो रही है , आजकल इलेक्ट्रिक कार आ तो रही है लेकिन उसमें एग्ज़ॉस्ट साउंड नहीं है ।अब आप कहोगे कि नॉर्मल कार में यह साउंड ना हो तो कोई बात नहीं लेकिन जो मसल कारें होती है जो भारी भरकम कारें होती है जिसको लोग उनकी साउंड की वजह से लेते है और अगर उनमें साउंड नहीं मिलेगा तो क्या इन कार को लेने का क्या फायदा ।

Dodge Challenger Hellcat

अब अमेरिका के अंदर डॉज ( Dodge ) नाम की एक ऐसी ही कम्पनी है जो मसल कार के चार्जर बनाती है । लोग इलेक्ट्रिक कार के अंदर एग्ज़ॉस्ट साउंड को मिस ना करें इसीलिए इन्होंने अपनी कारों के अंदर एग्ज़ॉस्ट साउन्ड भी लगाया । अब आप कहोगे कि इलेक्ट्रिक व्हीकल के अंदर एग्ज़ॉस्ट का क्या काम है ? सेम यही बात हम सब भी कह रहे हैं लेकिन इन्होंने बताया कि जैसे मसल कारों में एग्ज़ॉस्ट साउंड निकालने के लिए VAT इंजन या दूसरे इंजनों को लगाया जाता है वैसे ही इलेक्ट्रिक कार में एग्ज़ॉस्ट लगाया गया है । यह साउन्ड को इमिटेट करता है वो भी 126 डीबी तक तो यह एक रहस्यमय बात लग रही है कि इन्होंने इलेक्ट्रिक व्हीकल के अंदर एग्ज़ॉस्ट क्यों लगाया है ।

6. यूएसए के अंदर एक व्यक्ति मरने से बचा : आसमान से उसके सिर पर किसी प्लेन का मैटल गिरा जो करीबन तीन से चार किलो का रहा होगा

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दोस्तों आपने अक्सर आसमान से कई चीजें गिरती हुई देखी होगी अगर नॉर्मली बात करें तो ओले या बर्फ़ देखा होगा ।लेकिन यही पर अगर बड़ा ओला किसी के सिर पर गिर जाए तो शायद उसकी जान भी जा सकती है जो कि कार के शीशे तक तोड़ देती है । दरअसल यूएस के अंदर 35,000 फिट की ऊंचाई से कोई प्लेन का टुकड़ा गिर गया और प्लेन तो काफी ज्यादा भारी भरकम होता ही है और उसका छोटे से छोटा हिस्सा भी 3-4 किलो का होगा। यही सेम चीज़ हुई यूएस के अंदर जहां पर प्लेन से मैटल का एक सिलैंड्रिकल पीस निकलकर गिरा उसके पास में एक मैथ्यू नाम का व्यक्ति था जो कि यूएस का कोप है वो कॉल पर बात कर रहा था और उससे सिर्फ छह फ़ीट की दूरी पर ही यह टुकड़ा गिरा और यह करीबन तीन से चार किलो का रहा होगा और जहां पर यह गिरा वहां पर खड्डा भी हो गया । अगर गलती से भी यह मैटल उसके सर पर गिर जाता तो शायद ये जिंदा भी नहीं बचता । अब इस बात की खोज हो रही है कि यह टुकड़ा किस प्लेन का था क्योंकि उस दिन यूएसए के एयरपोर्ट के अंदर सारे प्लेन सेफली लैंड किए गए थे ।

7. एडिडास ने अनवील किया है अपने सोलर पावर्ड हेडफोन को जिसकी बैटरी 80 घंटे तक चल सकती है और यह सूरज की रोशनी से चार्ज होती है 

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दोस्तों एडीडास ने अनवील किया है अपने सोलर पावर्ड हेडफोन ( Solar Powered Headphones ) को जोकि इस तरीके से बनाया गया है कि इसकी बैटरी में आपको कभी भी कमी नज़र नहीं आने वाली है जब तक इसको धूप मिलती रहेगी तब तक यह चलता रहेगा।अगर धूप नहीं भी मिलती है तो भी यह 80 घंटे तक चल जायेगा इतनी बैटरी इसके अंदर स्टोर रहेगी और इसकी कीमत है 18,322 रुपए ।इसके अंदर स्वीडन बेस्ड कंपनी Exeger द्वारा Powerfoyle Solar Charging Panel टेक्नोलोजी का यूज़ किया गया है जोकि इसका फ्रेम है । यह ना सिर्फ सूरज की रोशनी को एब्जॉर्ब करता है बल्कि इसकी बैटरी को भी चार्ज करता है ।

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अब यहीं पर अगर हम सोलर पावर्ड हेडफोन की बात कर रहे हैं तो सोलर पैनल की भी बात कर लेते हैं क्योंकि अब साइंटिस्ट ने कुछ ऐसा इनोवेशन भी किए है जिसमें आप कलरफुल सोलर पैनल भी लगा सकते हो । लेकिन ब्लैक सोलर पैनल की एफिशिएंसी बड़ी अच्छी रहती है लेकिन इस कलरफुल वाले में ऐसा नहीं रहेगा । इसकी एफिशिएंसी करीबन 22% से 23% तक कम रहेगी ब्लैक वाले सोलर पैनल के मुकाबले तो अगर किसी को कलर वाला सोलर पैनल चाहिए तो उसमें एफिशिएंसी भी कम रहने वाली है ।

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