क्या एलोन मस्क पराग अग्रवाल और टॉप एग्जिक्यूटिव को कंपेंसन देंगे ?

दोस्तों जैसे ही एलोन मस्क ने ट्विटर को खरीदा सबसे पहले उन्होंने ट्विटर के सीईओ पराग अग्रवाल को कम्पनी से निकाला , उसके बाद CFO Ned Segal , Vijaya Gade को भी निकाल दिया गया । अभी तक हम सभी को यह लग रहा था कि पराग अग्रवाल को ट्विटर की तरफ से 42 मिलियन यूएस डॉलर यानी करीबन 475 करोड़ रूपये मिलेंगे तो ट्विटर से फायर होने के बाद भी पराग अग्रवाल को फायदा हुआ है लेकिन ऐसा नहीं है क्योंकि यहां पर एलोन मस्क के दिमाग में कोई नई गेम चल रही है । एलोन मस्क ने ट्विटर को खरीदते ही सबसे पहले पराग अग्रवाल और टॉप एग्जिक्यूटिव को फायर किया था तो अब एलोन मस्क को इन सभी को मिलाकर करीबन 122 मिलियन यूएस डॉलर देने पड़ेंगे । दरअसल ट्विटर और इन टॉप एग्जिक्यूटिव के बीच एक कॉन्ट्रैक्ट साइन हुआ था कि अगर एक साल से पहले इन्हें कम्पनी से निकाला जाता है तो कम्पनी इनको कंपेंशन देगी ।

यही पर अगर ट्विटर के एक्स सीईओ पराग अग्रवाल की बात करें तो यह नवम्बर में सीईओ बने थे और 27 अक्टूबर को इन्हें फायर कर दिया गया हालांकि नवम्बर में इनको फायर किया जा सकता था लेकिन इन्हें 4 दिन पहले ही फायर कर दिया गया । अब पराग अग्रवाल को 42 मिलियन यूएस डॉलर यानी करीबन 475 करोड़ रूपये मिलेंगे तो यहां पराग अग्रवाल को कोई टेंशन लेने की जरूरत नहीं है । लेकिन एलोन मस्क यहां पर पराग अग्रवाल और टॉप एग्जिक्यूटिव किसी को भी पैसा नहीं देना चाहते । लेकिन इन टॉप एग्जिक्यूटिव ने जब ट्विटर को ज्वॉइन किया था तब इनका ट्विटर के साथ एक कॉन्ट्रैक्ट साइन हुआ था कि कम्पनी इनको हैंडसम सर्विस पैकेज देगी और अगर कम्पनी इन्हें 12 महीने से पहले निकालती है तो इन्हें कंपेंशन मिलेगा ।एलोन मस्क ने बिना कोई नोटिस दिए इन सभी को निकाल दिया लेकिन इन सभी लोगों को प्रूफ करना होगा कि एलोन मस्क ने इनके साथ गलत किया है और है और गलत तरीके से इन्हें टर्मिनेट किया गया है।अब कोर्ट के अंदर एक बहुत लंबी बैटल चलने वाली है और सभी एम्प्लॉई मिलकर एलोन मस्क को कटघरे में खड़ा करेंगे और यह प्रूफ करने की कोशिश करेंगे कि हमारा टर्मिनेशन गलत था । कम्पनी के साथ हमारा कॉन्ट्रैक्ट साइन हुआ था और 12 महीने से पहले ही हमें निकाल कर यह कॉन्ट्रैक्ट ब्रेक किया गया है जिसकी वजह से हम सभी को अब 122 मिलियन यूएस डॉलर मिलने चाहिए।

दोस्तों यही पर अगर एलोन मस्क की बात करें तो बेशक से वह दुनिया के सबसे अमीर आदमी है, लेकिन ऐसा नहीं है कि वह किसी को भी पैसे देने के लिए तैयार हो जाए । उनके पास भी कुछ लीगल टीम है जिन्होंने मिलकर इतना बड़ा फैसला लिया होगा कि अगर इन टॉप एग्जिक्यूटिव को 12 महीने से पहले निकाल देंगे तो इसका क्या रिजल्ट होगा ? एलोन मस्क के पास इन लोगों को कम्पनी से निकालने के Valid Reasons है तो यहां पर एलोन मस्क जस्टिफाई करेंगे कि क्यों इनको कम्पनी से टर्मिनेट किया गया है? एलोन मस्क का कहना है कि हमारे पास इनको टर्मिनेट करने के अलावा कोई दूसरा ऑप्शन नहीं था और इनको टर्मिनेट करना भी बहुत जरूरी था क्योंकि यह लोग एक कंपनी को बर्बाद करने मे लगे हुए थे , यह लोग फेक रिपोर्ट तैयार कर रहे थे ।पराग अग्रवाल एक सीईओ के रूप में सही तरीके से काम नही कर रहे थे और इसी वजह से हमें मजबूरन इन्हें टर्मिनेट करना पड़ा और इसके साथ यह कॉन्ट्रैक्ट भी यह पर खत्म हो जाता है इसीलिए अब इनको ट्विटर की तरफ से कोई कंपेंशन नहीं मिलेगा ।

एलोन मस्क के पास एक वैलिड रीज़न था तभी उन्होंने पराग अग्रवाल और टॉप एग्जिक्यूटिव को अचानक से टर्मिनेट कर दिया । यह चाहे तो 4 दिन रुककर भी इनको टर्मिनेट कर सकते थे लेकिन इन्होंने ऐसा नहीं किया । कभी भी इतने बड़े फैसले अकेले नहीं लिए जाते बल्कि एक पूरी लीगल टीम होती है और उन्हें सब मालूम होता है कि कॉन्ट्रैक्ट में क्या हैं? एम्पलॉय को कम्पनी से टर्मिनेट करने पर क्या इफैक्ट पड़ेगा ? अगर एलोन मस्क बिना सोचे समझे यह इतना बड़ा फैसला लेते तो वह नवंबर तक इंतजार करते और उसके बाद सबको टर्मिनेट करते लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया बल्कि पराग अग्रवाल और टॉप एग्जिक्यूटिव को पहले निकाला और इसके बाद मास्क टर्मिनेशन थोड़ा रुककर किया । एलोन मस्क की प्लानिंग थी 27 अक्टूबर को ट्विटर के सभी सभी स्टाफ को निकालने की लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया क्योंकि अगर वह ऐसा करते तो इन सभी एम्प्लॉई को ट्विटर के स्टॉक्स में हिस्सेदारी मिल जाती और कंपेंशन भी मिलता इसीलिए एलोन मस्क ने नवम्बर तक का इंतजार किया ।दरअसल एलोन मस्क इन्हें ट्विटर के स्टॉक नहीं देना चाहते थे इसीलिए इन्होंने थोड़ा इंतजार किया उसके बाद जाकर इन सभी एम्प्लॉई को टर्मिनेट किया । पहले सुनने में यह आ रहा था कि ट्विटर के इन एम्प्लॉई को 1 नवंबर को निकाला जाना था लेकिन 4 नवम्बर तक का टाइम इसीलिए लिया गया ताकि एम्प्लॉई को सेलेक्ट कर ले कि किन- किन को निकालना हैं और किन-किन को रखना है ।

अब फिलहाल के लिए इन सभी एम्प्लॉई ने मिलकर एलोन मस्क के खिलाफ lawsuit file किया हैं कि हमें गलत तरीके से कम्पनी से टर्मिनेट किया गया है इसीलिए हमें कंपेंशन दिया जाए ।दरअसल यह सब एलोन मस्क की एक फुल प्रूफ प्लैनिंग थी ताकि किसी भी एम्प्लॉई को पैसा ना देना पड़े और उनके पास एक वैलिड रीज़न भी है कि इनको क्यों टर्मिनेट किया गया है ।ट्विटर की डील इतनी आसान नहीं थी क्योंकि ट्विटर के जितने भी इन्वेस्टर्स थे और पार्टनर थे सबको कन्विंस किया गया तब जाकर यह डील फाइनल हुई ।

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