नासा को चांद और मार्स तक लेकर जा सकता है स्टारशिप,M1 चिप पर कोई भी साइबर अटैक कर सकता है

2. स्टारशिप ही वो रॉकेट है जो कि नासा को चांद और मार्स दोनों तक लेकर जा सकता है  

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दोस्तों SpaceX के स्टारशिप को हमने बहुत बार स्ट्रगल करते हुए देखा है जिसमे यह बहुत बार लॉन्चिंग के समय फेल भी हुआ है लेकिन इस बार इसे वर्टिकली लॉन्च किया गया है और यह सफल भी रहा।Federal Aviation Administration’s ( FAA) ने इसको अब जाकर मार्स के लिए अप्रूवल भी दे दिया है । अब SpaceX इसको मार्स के लिए लांच भी कर सकता है लेकिन अभी भी 75 ऐसी चीजें हैं जो कि उनको पूरी करनी पड़ेगी जिसके बाद ही इसको लॉन्च किया जा सकता है । बहुत सी ऐसी चीज देखनी पड़ेगी जिससे कि एनवायरमेंट पर असर ना पड़े तो यह सारी चीज़ें फिक्स की जाएगी तब जाकर वह इसको मार्स के लिए भी लॉन्च करेंगे। यह नासा के लिए अच्छी खबर है क्योंकि स्टारशिप ही वो रॉकेट है जो कि नासा को चांद और मार्स दोनों तक लेकर जा सकता है ।

3. एप्पल के M1 चिप पर कोई भी साइबर अटैक कर सकता है

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दोस्तों एप्पल का M1 चिप (Apple M1 chip)काफी ज्यादा फेमस हुआ था जब यह लांच हुआ था और अभी भी काफी ज्यादा फेमस है । यह परफॉर्मेंस भी काफी अच्छी देता है लेकिन Mi टीम के रिसर्चर ने हार्डवेयर भेद्यता(hardware vulnerability) पाई है और कहा है कि इसको फिक्स नहीं किया जा सकता। इस पर कोई भी आसानी से साइबर अटैक कर सकता है और कितने ही सॉफ्टवेयर पैच निकाल लो फिर भी इसको फिक्स नहीं किया जा सकता क्योंकि हार्डवेयर लेवल में कुछ गड़बड़ी है।

4. साउथ कोरिया में इंसानों की जगह ले रहे है रोबोट्स

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दोस्तों हम सभी को बहुत अच्छे से पता है कि आने वाले वक्त में टेक्नोलॉजी कुछ इस तरीके की हो जाएगी कि इंसानों की जगह रोबोट्स ले लेंगे। साउथ कोरिया के अंदर यह शुरू भी हो चुका है लेकिन इसकी वजह यह नहीं है कि हम टेक्नोलॉजी में काफी एडवांस हो चुके है इसकी वजह यह है कि वहां पर एक नया कानून आया है कि अगर काम करते समय किसी भी वर्कर की जान चली जाती है या उसको कोई बड़ी चोट लग जाती है तो उस कंपनी के सीईओ या फिर किसी हाई रैंक मैनेजमेंट टीम के मेंबर को अरेस्ट कर लिया जाएगा।वो व्यक्ति जिम्मेदार होगा और उसे अरेस्ट करके जेल में डाल दिया जाएगा। कुछ इस तरीके का कानून है जिसकी वजह से वहां पर इंडस्ट्रियल रोबोट का चलन काफी ज्यादा है और वहां पर सभी लोग इंडस्ट्रियल रोबोट्स के ऊपर इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं। 

5. चीन में QR कोड स्कैन करके लोगों को ट्रैक किया जा रहा है

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दोस्तों चीन के अंदर दुनिया का सबसे बड़ा सर्विलेंस सिस्टम ( Survillence System ) मौजूद है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के द्वारा लोगों को ट्रैक करता है लेकिन अब उन्होंने लोगों को ट्रैक करने का एक नया तरीका निकाल लिया है जिसमें उन्हें क्यूआर कोड को स्कैन करवाना होगा हालांकि उन्हें कहा गया है कि यह कॉविड-19 को कंट्रोल करने के लिए किया जा रहा है ।जैसे आप किसी रेस्टोरेंट, होटल , बिल्डिंग में जाते हो तो आपको QR कोड स्कैन करवाना होगा इस तरह से लोगों को ट्रैक किया जा रहा है कि वह कहां कहां जाते है ।

6. एप्पल का “बैटरी गेट ” अपडेट एप्पल पर ही भारी पड़ा

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2017 में एप्पल ने एक ऐसी अपडेट दी थी जिसको हम ” बैटरी गेट  के नाम से जानते हैं और एप्पल आज भी हर जगह फाइन देकर इस चीज को भुगत रहा है।दरअसल हुआ यूं कि एप्पल ने कुछ ऐसी अपडेट दी थी जिससे कि पुराने वाले आइफोन की परफॉर्मेंस स्लो हो गई थी और एप्पल ने यह कहा था कि हमने इसलिए यह अपडेट दी है ताकि इसकी बैटरी की लाइफ ज्यादा हो सके क्योंकि आजकल ऐसी एप्लीकेशन बन गई है जिससे बैटरी जल्दी खत्म हो जाती है तो बैटरी खत्म ना हो इसी वजह से हमने ऐसी अपडेट दी थी । लेकिन लोगों को ऐसा लगता है कि यह अपडेट इसलिए दी गई है ताकि यह स्लो हो जाए और लोग नए आईफोन के ऊपर चले जाए। इस वजह से एप्पल जगह जगह पर फाइन दे रहे है और आज भी यूके के अंदर बैटरी गेट को लेकर एक केस चल चल रहा है। कही पर 500 मिलियन यूरॉस देकर सेटलमेंट हुआ है तो कही पर 10 मिलियन यूरॉस देकर सेटलमेंट हुआ है और कही पर तो पूरे स्टेट के लोगों को जिनके पास आईफोन था और जो इस अपडेट की वजह से इफेक्टिव हुए थे उन्हें 25 -25 डॉलर देकर निपटाया गया है।

7. फ्रांस अब यूरोप की ऐसी कंट्री बन चुकी है जिसने UPI को अपनाया है

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अभी कुछ दिनों पहले नेपाल ने भी UPI (Unified Payments Interface) को अपना लिया है । इसी के साथ साथ अब फ्रांस ने भी इसे अडेप्ट कर लिया है और फ्रांस अब यूरोप की ऐसी कंट्री बन चुकी है जिसने UPI को एडेप्ट किया है । इसके अलावा अब तक यूएई, भूटान और सिंगापुर ने भी यूपीआई को ऑन कर लिया है।

8. जापान अभी भी यूज करता है इंटरनेट एक्सप्लोरर को

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दोस्तों विंडो ने अब इंटरनेट एक्सप्लोरर को सपोर्ट देना बंद कर दिया है लेकिन क्या आपको मालूम है कि अभी भी आधा जापान बिजनेस के लिए इंटरनेट एक्सप्लोरर को ही यूज करता है । उन्होंने अभी भी अपने ब्राउज़र को नही बदला है।

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