जीवन में अनुशासन जरूरी क्यों है?

जीवन में अनुशासन जरूरी क्यों है?

जीवन में अनुशासन जरूरी क्यों है? यह एक महत्वपूर्ण चीज है जिसका हर इंसान के जीवन में बहुत ही ज्यादा महत्व है।अनुशासन का मतलब है अपने जीवन एक नियमित और सही तरीके जीना । मान लीजिए यदि कोई छात्र अपनी कोई दिनचर्या नहीं बनाता है और उसे सही तरीके से नहीं करता है तो एक अनुशासित व्यक्ति नहीं है उसके जीवन में कोई लक्ष्य नहीं है जीवन में अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें उसे एक सही क्रम और सुचारु रुप से चलाना होता है ।जैसे कब क्या करना है और कैसे करना है इसे ही तो अनुशासन कहते हैं। एक ग्रहणी भी अगर कार्य को सूची बनाकर अनुशासन से करेगी तो इससे उसके कार्य करने में आसानी भी होगी और काम भी समय पर हो जाएगा।अनुशासन पीढ़ी दर पीढ़ी चलता रहता है जो हमें बचपन से ही सिखाया जाता है जीवन में सफलता पाने के लिए। अनुशासन जरूरी है जीवन में हर किसी के लिए अनुशासन के नियम है जैसे हम प्रतिदिन सुबह उठकर जल्द नहाना चाहिए ,ब्रश करना चाहिए ,साफ-सुथरे कपड़े पहना चाहिए, समय पर नाश्ता करना, अपने से बड़ों का आशीर्वाद लेना चाहिए उसके पश्चात जैसे अगर कोई स्कूली छात्र है तो अपने स्कूल पर चले जाए , कोई नौकरी वाले इंसान अपने कार्यालय में और कोई ग्रहणी को अपने घर की देखभाल इत्यादि करनी चाहिए । हमें सभी के साथ अच्छे से व्यवहार करना चाहिए घर स्कूल कार्यालय या कोई अन्य स्थान तब हम एक सफल इंसान बन पाएंगे इस दुनिया में हम ही नहीं बल्कि प्रकृति भी अगर अनुशासन में चले तो ही अच्छा होगा अगर सूरज रात में आए और दिन में छिप जाए और चांद रात में ना निकल कर दिन भर निकले तो क्या हम अपने दिनचर्या के कार्य को सुचारू रूप से कर पाएंगे ? रात में सो पाएंगे?यदि अगर आपने अनुशासन में एक सही तरीके से चले तो ही हमारा जीवन आसान और सफल हो पाएगा ।इसी तरीके से हमें भी ऐसी नियमों के अनुसार चलना होता है यदि कोई भी चीज अगर अपने समय के अनुसार ना चले या अपने अनुशासन के अनुरूप ना चले तो क्या वह हमारा जीवन और प्रकृति भी अस्त-व्यस्त हो जाएगी जीवन में जब तक हर चीज अपने अनुशासन में चल रही है तब तक जीवन आसान और खुशनुमा है अन्यथा वह कठिन हो जाएगा हमें हमेशा अनुशासन में ही रहना चाहिए और अपने जीवन में सफल होने के लिए अपने शिक्षक और माता-पिता के आदेशों का पालन करना चाहिए। हमें अपने से बड़ों की बात को मानना चाहिए हमारे जीवन में कई पड़ाव है।रास्तों में हमें अनुशासन की जरूरत पड़ती है यदि बचपन से ही हमें अनुशासित व्यक्ति हैं तो आगे जाकर हमें भविष्य में कोई परेशानी नहीं आती इसलिए बचपन से ही हमें अनुशासन का अभ्यास करना चाहिए शुरू से ही अगर हम अनुशासित व्यक्ति हैं तब जाकर किसी व्यक्ति के पास जीवन जीने का सही तरीका है उसके जीवन में नियम है तो उसके जीवन का एक मतलब है उसके पास अपने जीवन को कहां और कैसे चलाना है हम में से हर एक ने अपने जीवन में समझदारी का अलग अलग अनुभव किया है ।जीवन में अनुशासन की ही बहुत जरूरत पड़ती है अनुशासन के बिना जीवन बिल्कुल भी निष्क्रिय और निरर्थक है अनुशासन के 2 तरीके का होता है एक जो हम बाहरी समाज से मिलता है जो हम दूसरों के अनुरूप चलते हैं और दूसरा जो कि हमारे अंदर खुद से उत्पन्न होता है जिसे हम स्वयं से उत्पन्न करते हैं जिसे हम स्वयं अनुशासन भी कहते हैं। अनुशासन की जरूरत हर क्षेत्र में होती है जैसे संतुलित भोजन करना नियमित व्यायाम आदि अनुशासन हमारे स्वास्थ्य और सामाजिक स्तर को सुधारने में भी हमारी सहायता करता है। यही कारण है कि हमें जीवन में अनुशासन का पालन करने वालों को अनुशासन हीन व्यक्तियों की अपेक्षा अधिक मान सम्मान और सफलता प्राप्त होती है ।

अनुशासन में रहने के तरीका
1 )एक सही और नियमित दिनचर्या का पालन करना
2) कार्य को समय पर पूरा करना
3) बुरी आदतों से दूरी बना कर रखे
4 ) अपने काम को कड़ी मेहनत के साथ करे
5 ) दूसरों के साथ व्यर्थ के कामों में ना लगना
6 )किसी के साथ बुरा व्यवहार ना करना
7 ) सातवा आज के कार्य को कल मैं ना डालना।
8 ) नियमों को ना तोड़ना
9 ) अपने साथ-साथ दूसरों की मदद करना
10) आखिरी और सबसे अहम अपनी खुद की इच्छा को खत्म करके अनुशासन का पालन करना।

हमने देखा होगा कि सेना और रक्षा क्षेत्र में अनुशासन का बहुत महत्व है वह शुरू से ही व्यक्ति को अनुशासन सिखाया जाता है। समय पर जागना ,समय पर खाना, समय पर व्यायाम और ट्रेनिंग आदि यह सभी चीजें उन्हें अनुशासन में है। यदि उनमें से कोसी भी कार्यों में जरा सी भी चूक हो जाए तो इसका उन्हें काफी नकारात्मक प्रभाव देखना पड़ सकता है । इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अनुशासन को और अधिक महत्व दिया जाता है और पूर्ण रूप से इसका पालन किया जाता है ।छात्रों के जीवन में भी अनुशासन का बहुत महत्व है ।

अगर अनुशासन हीन व्यक्ति हैं और हम गलत संगत में पड़ जाते हैं। जुए आदि की भी लत के शिकार हो जाते हैं। अगर हमारे जीवन का एक आधार है उसमें एक अनुशासन है तो हमें सही जीवन की तरफ जा रहे हैं अन्यथा इसे अंधकार से जाने में कोई नहीं रोक सकता ।अनुशासन का हमारे जीवन में बहुत ही महत्व है यह हमारी आत्मा में सुधार करता है यही वह है जो हमें जीवन में लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करता है पूरी प्रकृति एक अनुशासन से बंधी हुई है सूरज का पूरब से उगना पश्चिम में अस्त होना, चांद तारो बिजली आदि इन सब को अनुशासन में एक क्रम से ही चलना सभी वस्तुओं का आना जाना होता है अनुशासन को शाब्दिक अर्थ है अनुज जामा शासन अनु का अर्थ है अनुरूप या अनुसार और शासन का अर्थ है शासित होना या परिचालित होना यही कारण है कि अनुशासन बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमारे जीवन में एक महान भूमिका निभाता है इसलिए हमारे जीवन में अनुशासन का अत्यंत महत्व है और हमें सिर्फ पूरी इमानदारी से इसका पालन करना चाहिए अन्यथा जीवन निरर्थक है और बेकार है।

निष्कर्ष

अनुशासन सफलता का आधार है अनुशासन का मुख्य आर्थिक नियमों एवं सीमाओं के अंदर रहकर अपने कार्यों को अंजाम देना है जो व्यक्ति इसे अपनी पूरी तरीके से अपना लेता है उसे सफलता मिलने से कोई नहीं रोक सकता जो तुम्हें भी अगर हमें विजय प्राप्त करनी होती है तो हम पहले उसे कब और कहां और कैसे करना है यह निर्धारित करते हैं और उसके पूर्ण विश्वास के साथ हम उसे अपनाते हैं तब जाकर हमें सफलता प्राप्त होती है फिर अपने सपनों को प्राप्त करने के लिए तो अनुशासन अत्यंत आवश्यक बन जाता है अनुशासन जिंदगी के जीने को भी प्रेरित करता है इसे व्यक्ति अपने जीवन को जीने का लक्ष्य प्राप्त होता है और वह बुरी आदतों से भी बच जाता है और समय का भी नहीं पता चलता है इस तरह से समय का भी सही तरीके से सदुपयोग होता है ।

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