खुद को सही दिशा कैसे दें ?


आज हम बात करने जा रहे हैं कि हम खुद को सही दिशा कैसे दे सकते हैं ? कैसे हम अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं ?सबसे पहले हमें अपनी कमियां, ताकत और ज्ञान का पता होना चाहिए । हम क्या हैं ?और क्या कर सकते हैं ? हम खुद के बारे में सब कुछ जानते हैं फिर भी दूसरों पर जल्दी भरोसा करके अपने जीवन को समस्या में उलझा लेते हैं । जब जीवन में सिर्फ समस्या होगी तब इंसान को चारों तरफ सिर्फ अंधकार दिखाई देता है । वह अंधकार से बाहर निकलना तो चाहता है पर समस्याएं उसे इस कदर जकड़ लेती है कि वह चाह कर भी बाहर निकल नहीं पाता।

यह बात आपको समझना होगा कि अगर कोई आपको अपना काम करने के लिए देता है तो आप अपने तरीके से उस काम को करेंगे और दूसरों से भी यह उम्मीद करेंगे कि वो भी आपका काम सही तरीके से करेगा। इसलिए दूसरों पर निर्भर रहने से अच्छा है आप अपना काम खुद करें और सही ढंग से करें।


आज हम बात करने जा रहे हैं कि हम खुद को सही दिशा कैसे दे सकते हैं ? कैसे हम अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं ?सबसे पहले हमें अपनी कमियां, ताकत और ज्ञान का पता होना चाहिए । हम क्या हैं ?और क्या कर सकते हैं ? हम खुद के बारे में सब कुछ जानते हैं फिर भी दूसरों पर जल्दी भरोसा करके अपने जीवन को समस्या में उलझा लेते हैं । जब जीवन में सिर्फ समस्या होगी तब इंसान को चारों तरफ सिर्फ अंधकार दिखाई देता है । वह अंधकार से बाहर निकलना तो चाहता है पर समस्याएं उसे इस कदर जकड़ लेती है कि वह चाह कर भी बाहर निकल नहीं पाता।

यह बात आपको समझना होगा कि अगर कोई आपको अपना काम करने के लिए देता है तो आप अपने तरीके से उस काम को करेंगे और दूसरों से भी यह उम्मीद करेंगे कि वो भी आपका काम सही तरीके से करेगा। इसलिए दूसरों पर निर्भर रहने से अच्छा है आप अपना काम खुद करें और सही ढंग से करें।

kisi pe depend mat raho.

अपना रास्ता चुनने का हक आप दूसरों को मत दीजिए, क्योंकि आपको आपसे बेहतर कोई नहीं जानता। भगवान ने हर इंसान में कोई ना कोई प्रतिभा अवश्य दी है, आप बस उस प्रतिभा को जानने की कोशिश करें। आपके अंदर की प्रतिभा ही आपको एक सही दिशा में ले जा सकती है ।इस दुनिया में ज्यादातर लोग अपनी प्रतिभा को जाने बिना ऐसे काम करने लगते हैं जिसे बाकी दुनिया वाले करते हैं ।और अंत में अपने मार्ग से भटक जाते हैं ।

सबसे पहले इंसान को यह समझना होगा कि अपने जीवन में किस दिशा में चलना है? इसका निर्णय लेने का हक सिर्फ और सिर्फ आपका है । परंतु इंसान बात को समझना नहीं चाहता है या फिर यह कह सकते हैं कि उसे दुनिया की भीड़ में में मिल जाना ही पसंद है ।और अंत में वह उस भीड़ में इस कदर खो जाता है कि उसका स्वयं का अस्तित्व ही खत्म हो जाता है । इसीलिए बेहतर यही है कि आप अपने जीवन की दिशा खुद चुने, भले ही उस राह में सिर्फ मुश्किलें हो , पर इस बात की तसल्ली रहेगी कि इन मुसीबतों को पार करने के बाद हमे हमारी मंजिल अवश्य मिल सकती हैं।

Attitude development in hindi

जब आप अपनी मंजिल को पा लेते हैं तो आपको एक परम सुख की अनुभूति होती है ।हमारा मन अंदर से बहुत प्रसन्न होता है या फिर हम यह कह सकते हैं कि हमें आत्म शांति मिलती है। इस सुख को प्राप्त करने के लिए सबसे पहले आपको यह निर्णय करना होगा कि आपके जीवन का लक्ष्य क्या है ?और आपने किस राह में चलना है? जब आप अपना लक्ष्य निर्धारित कर लेते हैं तो आपको सिर्फ अपनी मंजिल दिखाई देगी। हालांकि इस राह में मुसीबतें और चुनौती बेसब्री से आपका इंतजार कर रही होंगी, पर आपको फिर भी डरना नहीं है बल्कि आपका ध्यान सिर्फ और सिर्फ आपके लक्ष्य पर होना चाहिए ।जब आप अपना ध्यान सिर्फ और सिर्फ अपने जीवन के लक्ष्य पर रखेंगे तो आपको राह की चुनौती और मुसीबतें दिखाई नहीं देंगी , दिखाई देगा तो बस आपका लक्ष्य। आपको खुद पता नहीं चलेगा कि आपने कब और कैसे खुद को इस कदर मजबूत बना लिया है कि जिंदगी के इतने बुरे हालातों से आप बाहर आ गए।

अपना रास्ता कैसे चुन सकते हैं?

1) अपना रास्ता खुद चुनिए यह हक किसी दूसरे को मत दीजिए


सबसे पहले यह निर्णय कीजिए कि आपने किस दिशा में जाना है ।अगर आपने जीवन का सफर तय करना है तो सर्वप्रथम अपनी दिशा तय कीजिए ।जिंदगी का सफर बहुत लंबा है इस राह में कांटे भी होंगे और फूल भी। चुनौतियां बेसब्री से हमारा इंतजार कर रही होंगी। चाहें हम हंस ले या फिर रो ले, सफर तो हमने जैसे मर्जी तय करना है ।यह हमारे ऊपर निर्भर करता है कि हमने इस सफर को तय कैसे करना है ।अगर जीवन को आसान बनाना है तो यह बहुत मुश्किल है क्योंकि जिंदगी का असली मतलब ही हैं- चुनौतियां ।अब इन चुनौतियों का डटकर सामना कैसे करना है वो निर्णय बस हमारे हाथों में हैं।

2) अपनी सोच में बदलाव लाएं —


हमारे समाज की एक बहुत बड़ी समस्या यह है कि बचपन से ही हमारे दिमाग में यह बात बैठा दी जाती है कि हमने पढ़ लिखकर बड़े होकर एक अच्छी सी नौकरी हासिल करनी है। और जब हम बड़े हो जाते हैं तो हमारे आसपास का माहौल हमारी सोच से बहुत अलग होता है । इस दुनिया में एक
भाग- दौड़ चल रही होती है ।हमारी अपनी कोई मंजिल नहीं होती बल्कि इस दुनिया की भेड़-चाल में हम खुद उसमें घुल मिल जाते हैं और फिर धीरे-धीरे हम अपनी खुद की अस्तित्व खो बैठते हैं ।अगर हमें अपनी एक अलग पहचान बनानी है तो दुनिया से हटकर काम करना होगा अर्थात अपनी मंजिल खुद तय करनी होगी।

3) सही फैसला लीजिए –


जिंदगी का सफर बहुत कठिन होता है। कभी-कभी हमारे सामने इस तरह के हालात पैदा हो जाते कि हमारे लिए एक निर्णय लेना बहुत मुश्किल हो जाता है ।उस समय हमारा दिल और दिमाग चाह कर भी हमारा साथ नहीं देता। हम ऐसे दोराहे में आकर खड़े हो जाते हैं कि हमारी मंजिल हमारे पास है पर, अगर हम अपनी मंजिल की तरफ जाते हैं तो यह हमे अपनों से भी दूर कर सकती है। ऐसी परिस्थिति में हमारे लिए एकमत निर्णय लेना बहुत मुश्किल हो जाता है। बस ऐसे समय में हमने धैर्य के साथ एक सही निर्णय लेना है और अपनी मंजिल को हासिल करना है।

4) अपनी प्रतिभा को पहचाने –


जब आपको अपने अंदर की प्रतिभा का ज्ञान होगा तभी आप अपने जीवन की एक दिशा तय कर सकते हैं ।भगवान ने हर किसी को कोई ना कोई टैलेंट अवश्य दिया है , बस आपको अपने अंदर के टैलेंट को जानना है। जब आप खुद को जान लेते हैं तो आपके लिए जिंदगी की राह आसान हो जाती।

निष्कर्ष (conclusion)
इस दुनिया में 95% लोग ऐसे हैं जो अपने अंदर की प्रतिभा को जानने की कोशिश नहीं करते बल्कि दूसरों पर जल्दी विश्वास कर कर लेते हैं और भेड़-चाल में चलते हैं।
आज के समय में भेड़-चाल चलना एक आम बात हो गई है । या फिर हम यह कह सकते हैं कि यह आदत सी बन गई है। मगर हम कब तक भेड़-चाल में चलेंगे, एक ऐसा समय भी आएगा कि हमें भेड़-चाल से बाहर निकलना पड़ेगा। भेड़-चाल में चलकर अपना समय बर्बाद करने से अच्छा है कि समय रहते हम अपना रास्ता खुद चुन ले। हालांकि इस रास्ते में काफी सारी समस्याएं आएंगी पर हम अपनी मंजिल तक पहुंच सकते है हमें इस बात की संतुष्टि रहेगी।

हमने जाना कि हम खुद को सही दिशा कैसे दे सकते हैं? कैसे हम अपनी राह में आने वाली चुनौतियों का सामना कर सकते हैं ?अगर हमने जीवन को सही दिशा देनी है तो सबसे पहले अपना लक्ष्य निर्धारित कीजिए। क्योंकि लक्ष्य के साथ हमारे जीवन को एक नई दिशा मिलती है और जीवन का सफर भी आसान हो जाता है।

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