क्या Camera Tech से दीवार के पीछे भी देखा जा सकता है ?, पैरालाइज लोगों के लिए बनाया एक रोबोट

1. इजराइल की स्टार्टअप कंपनी कैमरो-टेक ने बनाया एक ऐसा गैजेट जिससे दीवार के पीछे भी देखा जा सकता है

दोस्तों इजराइल की एक स्टार्टअप कंपनी हैं जिसका नाम कैमरो-टेक ( Camero-Tech )है। इन्होंने एक खास तरीके का मिलिट्री बेस्ड एक डिवाइस तैयार किया है जो रडार के सपोर्ट से दीवार के पीछे भी देख सकता है कि दीवार के पीछे क्या है लेकिन इसको दीवार के काफी ज्यादा पास लेकर जाना पड़ता है । इसके अंदर 10 इंच की स्क्रीन है और इस गैजेट का वजन 16 किलो हैं।यहां पर सवाल यह है कि क्या वॉर के समय यह कैसे काम करेगा? वॉर के समय जब पता है कि दीवार के पीछे दुश्मन है तो सीधा अटैक करेंगे उस समय इस गैजेट का यूज हो ही नहीं सकता ।जबकि कंपनी क्लेम करती है कि इसे वॉर की परिस्थिति के लिए बनाया गया है लेकिन लोगों का मानना है कि इसका यूज उस वक्त में नहीं किया जा सकता ।लेकिन हां उस समय इसका इस्तेमाल किया जा सकता है जब सर्च और रेस्क्यू मिशन ( Search And Rescue Mission ) चल रहा हो, खासतौर पर उस समय जब टेरेरिस्ट अटैक करते है जैसे मुंबई के ताज होटल में हुआ था । शायद यह गैजेट उस समय काम आ सकता था लेकिन उस समय यह गैजेट नहीं था ।आने वाले वक्त में इसका इस्तेमाल हो सकता है जैसे दीवार के पार देखना है कि इसके पीछे कौन है और कितने लोग तो उससे भी अंदाजा लगाया जा सकता हैं ।

2. जॉन हॉकिन्स यूनिवर्सिटी ने पैरालाइज लोगों के लिए बनाया एक रोबोटिक आर्म

दोस्तों जॉन हॉकिन्स यूनिवर्सिटी ( John Hawkins University ) के रिसर्चर्स ने एक ऐसी मशीन बनाई है जो इंसान के ब्रेन से कनेक्ट हो सकती है। यह किसी भी व्यक्ति के लिए नहीं है यह सिर्फ पैरालाइज व्यक्ति को फीड करवाने का एक बायोनिक आर्म है। हालांकि इसका प्रोटोटाइप साइज़ काफ़ी ज्यादा बढ़ा है और प्रोटोटाइप का यही होता है कि वह काफी ज्यादा ओवरसाइज होते है लेकिन हां आने वाले वक्त में इसको कॉम्पैक्ट कर दिया जाएगा । इसका काम करने का तरीका यह है कि ब्रेन के अंदर कोई डिवाइस लगाया जाता है जिससे यह सिग्नल भेजता है कि इस आर्म को किस तरीके से काम करना है। यह रोबोटिक आर्म ब्रेन सिग्नल्स से काम करता है जैसे अभी आपका हाथ हिल रहा है तो आपके ब्रेन को सिंगनल जा रहा है उसी तरीके से यह रोबोटिक आर्म भी काम करता है ।

3. नासा कर रहा है मार्स पर माइक्रोबियल जीवन की खोज 

दोस्तों नासा का कहना है कि वह मार्स पर माइक्रोबियल जीवन ( Microbial Life ) को ढूंढने में बस एक कदम दूर है। क्योंकि मार्स की मिट्टी के जो सैंपल लाए गए है इससे पता चलता है कि वहां के वातावरण साउथ अमेरिका के डेजर्ट जैसा ही है। इसी वजह से उनका कहना है कि यहां पर शायद हम माइक्रोबियल जीवन को ढूंढ सकते हैं क्योंकि पहले वहां पर जीवन हुआ करता था।यहां पर अगर मार्स से धरती पर सैंपल लाने की बात की जाए दो देशों के बीच में एक रेस चल रही है। एक तरफ चीन है और दूसरी अमेरिका है। चीन का कहना है कि हमारा जुरोंग रोवर ( Zhurong Rover ) वहा पर टहल रहा है । लेकिन यहां पर नासा का कहना है कि वह 3.5 बिलीयन साल पुराना कोई रॉक है और वह उस रॉक का सैंपल लेकर आएंगे। मार्स से सैंपल चीन लेकर आए या फिर अमेरिका लेकर आए लेकिन हां सैंपल दोनों लेकर आएंगे।

4. चीन की CATL कम्पनी ने खुलासा किया ऐसी बैटरी का जोकि सिंगल चार्ज में 1000 किलोमीटर तक चल सकती हैं 

दोस्तों दुनिया की लार्जेस्ट इलेक्ट्रिक व्हीकल बैटरी मैन्युफैक्चरर कंपनी जिसका नाम कंटेम्परेरी एम्पीयरेक्स टेक्नोलॉजी लिमिटेड या (Contemporary Amperex Technology Limited or CATL) हैं जोकि चीन की बहुत फेमस कम्पनी है। उन्होंने एक ऐसी इलेक्ट्रिकल व्हीकल बैटरी का खुलासा किया है जो एक सिंगल चार्ज के अंदर 1000 किलोमीटर तक चल सकती है और इनका कहना है कि यह टेस्ला से 13% ज्यादा अच्छी है यानी जितने साइज की बैटरी टेस्ला बनाती है उतने ही साइज की यह कम्पनी बनाएंगे लेकिन वह 13% ज्यादा चलेगा। 

5. रशिया-यूक्रेन वॉर की वजह से एप्पल ने रशिया में आईफोन को बैन किया है 

दोस्तों एप्पल ने अपने आईफोन 14 को लॉन्च तो कर दिया है लेकिन रशिया की पहुंच से बाहर है क्योंकि रशिया ने जिस तरह से यूक्रेन पर अटैक किया है उसकी वजह से काफी देशों ने अब रशिया से दूरी बना ली है इसीलिए आईफोन 14 को रशिया में लॉन्च नहीं किया गया है ।लेकिन यही पर रसियन मिनिस्टर्स ने भी कह दिया है कि हम आईफोन 14 को रशिया में लाकर ही रहेंगे भले ही इसके लिए हमें आईफोन 14 को इंपोर्ट करवाना पड़े। हालांकि इसके लिए एप्पल नही मानेगा इसीलिए हम आईफोन 14 को इंडिया और दुबई से ख़रीद कर रशिया लेकर आएंगे ।

यही पर दोस्तों इंडिया के अंदर भी आईफोन 14 की प्री-बुकिंग शुरू हो गई है अगर आपको भी यह आईफोन लेना है तो क्रोमा की वेबसाइट में जाकर प्री-बुकिंग करवा सकते है ।

6. जर्मनी ने लॉन्च किया दुनिया का पहला हाइड्रोजन पावर ट्रेन 

दोस्तों जर्मनी ने पहली बार दुनिया का पहला हाइड्रोजन पावर से चलने वाला ट्रेन लॉन्च किया है जो हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को इलेक्ट्रिसिटी में बदल सकता है । जर्मनी में कुल मिलाकर 14 ट्रेन बनाई गई है जिनको अपने एक रीजन ( region ) के अंदर चलाने का फैसला किया गया हैं। इस ट्रेन को बनाने में करीबन 92 मिलियन यूएस डॉलर का खर्चा हुआ है और ऐसे ही और ट्रेन भी बनाएंगे जिसे यह सिंगल फ्यूलिंग के अंदर 140 km/ h के हिसाब से 1000 किलोमीटर चला सके , तो इस तरह से यह इस ट्रेन से हर साल 16 लाख लीटर फ्यूल बचा पायेंगे।

7. दुबई बनाएगा मून-शेप रिज़ॉर्ट जिसकी कीमत होगी करीबन 5 बिलियन यूएस डॉलर

दोस्तों दुबई चंद्रमा के आकार का रिज़ॉर्ट ( Moon-Shaped Resort ) तैयार कर रही है । MWR के सैंड्रा मैथ्यूज और माइकल हेंडरसन दोनों ने मिलकर यह विचार पेश किया है जिसमें “Lunar Surface” और “Lunar Colony.” होगा। यह 5 बिलियन यूएस डॉलर का लक्जरी रिजॉर्ट होगा जिसे 10 एकड़ की जमीन में बनाया जाएगा जिसकी ऊंचाई करीबन 225 मीटर होगी। यह रिजॉर्ट 2030 से 2035 तक तैयार हो सकता है अभी कुछ कह नहीं सकते ।लेकिन इस रिजॉर्ट के बनने के बाद साल में करीबन 25 लाख लोग यहां पर घूमने जरूर आयेंगे। कई लोगों का चांद पर जाने का सपना होता है लेकिन चांद पर सिर्फ एस्ट्रोनॉट्स ही जा सकते है इसीलिए इस प्रोजेक्ट पर काम किया जाएगा ताकि सभी लोग इस चीज को अनुभव कर सके कि चांद पर जाकर कैसा लगता है?

8. YouTube ने साल 2022 में भारत के सबसे अधिक विडियो डिलीट किए और दूसरे स्थान पर यूएसए है 

दोस्तों यूट्यूब ने अप्रैल और जून 2022 में भारत के 1,324,634 वीडियो को डिलीट किया और यह बाकी देशों की तुलना में दो गुना ज्यादा है ।इंडियन यूट्यूबर्स ने बहुत ज्यादा गलती करी है और कम्युनिटी गाइडलाइंस की वजह से इनकी वीडियो को यूट्यूब से ही डिलीट कर दिया गया है । इस तरह से पहले स्थान पर इंडिया है और दूसरे स्थान पर यूएसए है जहां पर 445, 148 वीडियो डिलीट की गई है और तीसरे स्थान पर इंडोनेशिया है जिसकी 427,748 विडियोज डिलीट की गई है ।ज्यादातर वीडियो को चाइल्ड सेफ्टी और हिंसक सामग्री ( violent content ) की वजह से हटा दिया गया है ।

Leave a Comment