ऐसा रोबोट जो सेंसिटिविटी को भी फील कर सकता है

1. यूनिवर्सिटी ऑफ़ ग्लासगो ने बनाया एक ऐसा रोबोट जो सेंसिटिविटी को भी फील कर सकता है

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यूनिवर्सिटी ऑफ़ ग्लासगो (University of Glasgow) ने एक ऐसा रोबोट तैयार किया है जिसके अंदर स्किन भी लगाई गई है। अब आप कहोगे कि आर्टिफिशियल स्किन तो हर रोबोट में लगाई जा रही है जैसे सोफिया में लगाया गया था और इसी तरीके के और रोबोट में भी लगाया गया था। जो देखने में काफी ज्यादा रीयल लगते है लेकिन इनकी स्किन को ना सेंसिटिविटी महसूस होता है और ना दर्द होता है।लेकिन इस यूनिवर्सिटी ने एक ऐसा रोबोट तैयार किया है जो दर्द भी महसूस कर सकता है दरअसल इसमें आर्टिफिशियल टैक्टिकल न्यूरल पाथवे लगाया गया जिसकी वजह से यह फील कर पाती है कि कोई चीज उसको टच कर रही है जिसमे फोर्स काफी ज्यादा होता है उसमें उसको दर्द भी महसूस होता है ।

 2. बहुत जल्द SpaceX रॉकेट का यूज करके एस्ट्रॉयड की माइनिंग की जाएगी

दोस्तों अभी कुछ ही दिनों पहले हमने एस्ट्रॉयड माइनिंग स्टार्टअप ( Asteroid mining startup )के बारे में सुना था जो कि कैलिफोर्निया बेस है जिसका नाम है एस्ट्रोफ्रोज ( AstroForge ) जो SpaceX  रॉकेट का इस्तेमाल करके एस्ट्रॉयड की माइनिंग करना चाहते हैं जिसमें वह रॉकेट को  छोड़ देंगे उसके बाद में सैटेलाइट वहां पर जाकर अपना काम करेगा। एस्ट्रॉयड के ऊपर बहुत से पदार्थ मौजूद है जैसे आयरन , नीकल,  प्लेटिनम  ,  गोल्ड, कोबाल्ट या फिर इसी तरीके के बहुत सारी चीजें जो कि यहां पर काफी ज्यादा वैल्युएबल है जिनकी माइनिंग करना चाहते है । 

यह विचार किसी और का नहीं है बल्कि एक्स SpaceX एम्प्लॉय जोस एकैन( Jose Acain) और  एक्स वर्जिन ऑर्बिट और गेलेक्टिक इंजीनियर मैट जियालिच( ex-Virgin Orbit and Galactic engineer Matt Gialich) का है जिन्होंने मिलकर यह स्टार्टअप शुरू किया है और यह बिल्कुल सही भी है मतलब जिस लिए स्पेस एक्सप्लोरेशन हो रही थी अंत में हम वहीं पर आ गए  वहां के रिसोर्सेस को लाकर यहां पर यूज किया जाए क्योंकि यहां पर धीरे-धीरे खत्म हो रहा है और वहां पर भंडार लगा हुआ है।

3. फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ने तैयार किया वॉल ऑफ विंड, दुनिया का सबसे भयंकर हरिकेन

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फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी (Florida International University )के रिसर्चर ने एक वॉल ऑफ विंड( wall of wind) बनाई है जिसके अंदर 12 फैंस मौजूद है जो कि दुनिया में अब तक आए सबसे भयंकर हरिकेन ( Hurricane )जितनी ही पावरफुल हवा फेंक सकती है जिसको कैटेगरी-5 के अंदर गिना जाता है ।यह करीबन 257 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से तूफान ला सकती है जिसके आगे कोई भी स्ट्रक्चर नहीं टिक सकता अब आप सोच सकते हो कि जो कैटेगरी-5 के अंदर नहीं टिक सकता वो इस विंड के अंदर भी टिक नही पाएगा।

4. रशिया अब अपने सोयुज रॉकेट से यूएसए एस्ट्रोनॉट्स को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर नहीं भेजेंगे

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दोस्तों यूएसए के अंदर रशिया की एक अंतरिक्ष यात्री( cosmonauts) ट्रेनिंग ले रही है क्योंकि इसको ” क्रू 5 मिशन “( Crew 5” mission)के अंदर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर भेजा जाएगा और इसका नाम है किकिना( Kikina)। दरअसल यूएसए और रशिया के बीच में तब से कॉन्फ्लिक्ट्स चल रही है जब से रशिया ने यूक्रेन के ऊपर अटैक किया और इसके बाद में यूएसए ने रशिया के ऊपर बहुत सारे रिस्ट्रिक्शन लगाए है  जिसके बाद में रशिया ने भी अब साफ साफ कह दिया है कि अब से हम यूएसए एस्ट्रोनॉट्स को अपने सोयुज रॉकेट ( soyuz rocket )  से नहीं भेजने वाले ।

 2011 में नासा ने अपना स्पेस शटल प्रोग्राम ( Space Shuttle Program) को बंद कर दिया था जिसकी वजह से रशिया के सोयुज रॉकेट ( soyuz rocket )के ऊपर ही वह पूरी तरीके से डिपेंडेंट हो गए थे । दस सालों तक तो उन्होंने यूएसए एस्ट्रोनॉट्स को भेजा लेकिन अब इन दोनो देशों के बीच में कुछ तनाव पैदा हो गए है जिसकी वजह से इस बार रशिया ने साफ साफ मना कर दिया। लेकिन नासा ने कहा है कि हम ऐसा नहीं करेंगे , हमारी डील हो रखी है जिसको हम पूरा भी करेंगे ।

5. सरकार के अनुसार रेस्टोरेंट में सर्विस चार्ज देना गैरकानूनी है

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जब भी आप रेस्टोरेंट में जाते है तो खाना खत्म होने के बाद में आपके पास में एक बिल आता जिसके अंदर जुड़ा होता है सर्विस चार्ज। गर्वनमेंट के हिसाब से यह सर्विस चार्ज गैरकानूनी है यह आपको नहीं देना चाहिए और गवर्नमेंट अब इसके ऊपर एक लीगल फ्रेमवर्क भी बनाने जा रही है। बहुत से एसोसिएशन का मानना है कि रेस्टोरेंट में सर्विस चार्ज देना एकदम सही है लेकिन 2017 की गाइडलाइन के अंदर यह बताया गया था कि अगर आप उनकी सर्विस से सेटिस्फाई हो तो आपके ऊपर डिपेंड करता है कि आपने सर्विस चार्ज देना है या नहीं देना।अगर आप कोई टिप देना चाहते हो तो दे सकते हो वैसे तो वह अपने बिल में सर्विस चार्ज को शामिल कर लेते है। अगर वह आपको सर्विस चार्ज के लिए फोर्स करते हैं तो आप उन पर कार्रवाई भी कर सकते हो । 

6. टर्की ने ऑफिशियली अपने नाम को चेंज किया अब टर्की को तुरकीए ( Türkiye ) कहा जाएगा

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टर्की ने ऑफिशियली अपने आप को रिब्रैंड (rebrand ) कर दिया है अभी तक उसको टर्की या फिर तुर्की कहा जाता था। कई बार लोग उसे तुर्की भी कहते थे लेकिन जब भी वहां के लोग दूसरे देशों में जाते थे और अपनी कंट्री का नाम बताते थे तो लोग इसकी इंग्लिश में प्रोनाउंसिएशन गलत करते थे और  इसके गलत मतलब निकालते थे जैसे  कि स्टूपिड पर्सन ,फैलियर, मुर्गा इत्यादि । इसी वजह से टर्की ने अपना नाम को चेंज कर दिया अब टर्की को तुरकीए ( Türkiye ) कहा जाएगा।

7. एप्पल अपने वॉच पर लगाने वाला है एक ऐसा कैमरा जो किसी सुपर पावर से कम नहीं है

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दोस्तों एप्पल ने अपनी वॉच के लिए एक पेटेंट करवाया है जिसके अंदर वो कैमरा भी लगाने वाला है ।अभी के वॉच में कोई कैमरा नहीं है तो इस तरीके की टेक्निक को उन्होंने पेटेंट करवाया है।अब आप सोचोगे कि डिस्पले के अंदर कैमरा होगा लेकिन यह डिसप्ले में नहीं बल्कि क्राउन बटन के अंदर कैमरा लगाने वाले है जोकि एक कमाल का पेटेंट है और आने वाली वॉच में ही ऐसा किया जा सकेगा। इसमें एक दो साल लग सकता है क्योंकि इन्होंने अभी-अभी पेटेंट करवाया है। यह वॉच कुछ इस तरीके से फोटो खींचता है जैसे कि आप कोई सुपर पावर लेकर पैदा हुए हो आप जैसे ही किसी को पंच दिखाओगे फोटो खींच जाएगी कुछ इस तरीके की टेक्निक है । 

8.टोयोटा का प्रोटोटाइप ‘कार्ट्रिज’ हाइड्रोजन को पोर्टेबल बनाने का एक बहुत अच्छा तरीका है

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दोस्तों हम सब अभी तक इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को फ्यूचर मान रहे थे लेकिन बहुत सी कंपनियां हाइड्रोजन को फ्यूचर मानती है कि वो हाइड्रोजन वाली कार बनायेंगे क्योंकि वह ज्यादा दूरी तक जा सकती है और बैटरी वाले कारों के मुकाबले ज्यादा अच्छे से चलती है।और इसके लिए टोयोटा ने कार्ट्रिज का प्रोटोटाइप ( Toyota Prototype) भी बनाया है । कार्ट्रिज( cartridge) का काम क्या है? यह हाइड्रोजन को कैरी करने के लिए है क्योंकि यह काफी ज्यादा एक्सप्लोसिव गैस है जिससे कुछ भी हो सकता है । इसको इधर से उधर ले जाना बहुत ही ज्यादा एक्सपेंसिव होता है इसको स्टोर करना भी बहुत ज्यादा एक्सपेंसिव होता है तो इन्होंने पोर्टेबल कार्ट्रिज बनाएं जिससे कि उस गैस को आसनी से इधर से उधर ले जाया जा सके बिना किसी दिक्कत के।

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