एमेजॉन ने यूरोप में 43% और यूके में 20% तक अपने प्राइम मेंबरशिप के प्राइस बढ़ा दिए है

1 ) एमेजॉन ने यूरोप में 43% और यूके में 20% तक अपने प्राइम मेंबरशिप के प्राइस बढ़ा दिए है

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दोस्तों एमेजॉन की प्राइम मेंबरशिप सारी ही दुनिया के अंदर एक्सपेंसिव हो गई है।यही पर अगर इंडिया की बात करें तो पहले करीबन 999 रुपए में एक साल के लिए प्राइम मेंबरशिप मिल जाता था लेकिन अब इसका प्राइस बढ़ाकर 1499 रुपए कर दिया गया है। लेकिन शायद यह प्राइस और भी बढ़ा सकते है क्योंकि अभी हाल ही में यूरोप के अंदर इन्होंने 43% प्राइस बढ़ा दिया है और यूके के अंदर 20% तक प्राइस बढ़ा दिया गया । लास्ट क्वार्टर के अंदर इनकी प्राइम मेंबरशिप की सेल उतनी ज्यादा नहीं हुई है इसीलिए अब इन्हें नेटफ्लिक्स वाले नजारे दिखने लग गए हैं जिसकी वजह से इन्होंने प्राइस बढ़ा दिए है और इंटेल भी यही कर रहा है । अब लोगों ने भी कह दिया है कि हमें कोई प्राइम मेंबरशिप नहीं चाहिए जब हमारा मन होगा हम खुद ले लेंगे।

2. सऊदी अरेबिया के क्राउन प्रिंस ने खुलासा किया अपने नियोम मेगासिटी प्रोजेक्ट के बारे में , यह प्रोजेक्ट 500 बिलियन यूएस डॉलर का है

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दोस्तों सऊदी अरेबिया के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अपने मेगासिटी प्रोजेक्ट का खुलासा कर दिया है और इसका नाम है नियोम मेगासिटी प्रोजेक्ट ( Neom Megacity Project ) यह पूरा का पूरा प्रोजेक्ट 500 बिलियन यूएस डॉलर का है। यह करीबन 170 किलोमीटर लंबी एक बिल्डिंग होगी जोकि कोस्टल एरिया के साथ-साथ में चलेगी । यह 500 मीटर ऊंचा होगा और 200 मीटर इसकी चौड़ाई होगी और इसके अंदर करीबन एक करोड़ लोग रह सकते है। इसके अंदर एक हाई स्पीड ट्रेन भी चलाई जाएगी जिससे कि कोई भी व्यक्ति एक कोने से दूसरे कोने में सिर्फ 20 मिनट आ-जा सकता है। यह प्रोजेक्ट 500 बिलियन यूएस डॉलर का हैं शायद इतना बड़ा प्रोजेक्ट धरती पर पहले कभी बना हो।

3. नासा : 29 अगस्त को आर्टेमिस मिशन 1 होगा

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दोस्तों नासा का चंद्रमा मिशन फिर से शुरू होने वाला है और इसकी घोषणा नासा ने कर दी है। 29 अगस्त को आर्टेमिस मिशन 1 होने वाला है और इसके अंदर जो SLS रॉकेट यूज किया जा रहा है और यह स्टैचू ऑफ लिबर्टी से भी ऊंचा है। यह 3 हफ्ते का क्रू मिशन होने वाला है जिसमें चंद्रमा पर कोई लैंडिंग नहीं होगी । इस मिशन में ओरियन कैप्सूल को भेजा जाएगा जो चंद्रमा पर यह देखेगा कि कैसे यह कैप्सूल उसके अंदर प्रवेश करता है , कैसे डिसेंट होता है और कैसे रिकवरी करके वापस धरती पर आता है ।अगर यह मिशन सफल रहा तो अगला जो क्रू मिशन होगा उसमे लैंडिग होगी और शायद 2025 में एस्ट्रोनॉट चन्द्रमा पर लैंड करेंगे।

4. पहले दिन ही 5G स्पेक्ट्रम 1.4 लाख करोड़ में सेल हुआ

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दोस्तों इंडिया के अंदर पहली बार 5G स्पेक्ट्रम ऑक्शन होने जा रहा है और यह स्पेक्ट्रम करीबन 72 गीगाहर्ट्ज़ का है जिसकी वर्थ है करीबन 1.4 लाख करोड़ जिसके लिए रिलायंस जिओ , भारती एयरटेल , वोडाफोन-आइडिया और इसी के साथ-साथ एक नई एंट्री हुई हैं अदानी डेटा नेटवर्क ( Adani Data Networks )की अब वो भी आए है।

5. डब्ल्यूएचओ ने मंकीपॉक्स को इंटरनेशनल इमरजेंसी घोषित कर दिया है और इंडिया में दिल्ली के अंदर आया पहला केस

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दोस्तों मंकीपॉक्स अफ्रीकन कंट्रीज से निकला था। यह एक ऐसा वायरस है जो अब इंसानों के अंदर आ गया और अभी तक यह 80 से 90 देशों में फैल चुका है ।अभी इसका उपरिकेंद्र ( Epicenter ) न्यूयार्क में बनाया गया है वहां पर भी काफी तेजी से यह फैलता जा रहा है। डब्ल्यूएचओ ने इसको इंटरनेशनल इमरजेंसी घोषित कर दिया है और कहा है कि यह आउटब्रेक हो चुका है क्योंकि बहुत सारी देशोंं में फैल गया है। 

इंडिया में पहला केस दिल्ली के अंदर आया है जिसमें वह व्यक्ति अपने दोस्तों के साथ हिमाचल प्रदेश घूमने गया था और जब वह वापस आया तो उसको बुखार होने लगा , और शरीर में भी दर्द शुरू हो गया। जब इसका सैंपल लिया गया तो पता चला कि इसे मंकीपॉक्स है ।अब बहुत से लोग कहेंगे कि यह कोरोना की तरह फैलता तो नहीं है ? यह हवा में नहीं फैलता बल्कि जब आप इंफेक्टेड व्यक्ति के कॉन्टैक्ट में आते हो और उसके साथ हाथ मिलाते हो तब यह बीमारी फैलती है। एक तरह से हम यह कह सकते है कि मंकीपॉक्स ऐसी बीमारी है जो हवा से नही बल्कि छूने से फैलती है।

6. गूगल स्ट्रीट व्यू अब भारत में भी आ गया है

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दोस्तों अब गूगल स्ट्रीट व्यू ( Google Street View ) इंडिया के अंदर भी आ चुका है। इसे कुछ सिक्योरिटी रीजन की वजह से इंडिया से बैन किया गया था और अब 6 सालों के बाद इसे दुबारा से अप्रूवल मिल चुका है वो भी सिर्फ 10 शहरों के लिए यह शहर है _ बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, पुणे, नासिक, वडोदरा, अहमदाबाद और अमृतसर अगर आप इन जगहों पर नहीं घूमे हो तो भी आप स्ट्रीट व्यू से उनकी गलियां उनके नजारे किस तरीके का व्यू वहां मिलता है आप देख सकते हो। लगभग 100 देशों में गूगल स्ट्रीट व्यू मौजूद है जिससे आप उन देशों में बिना गए भी वहां के रोड और एरिया को घर बैठे-बैठे भी देख सकते हो।इसी के साथ-साथ गूगल मैप के अंदर अब फेमस लैंडमार्क्स 3D एरियल व्यू भी ले सकते हो जैसे कि कुतुब मीनार हो गया या किसी भी कंट्री को एरियल व्यू से भी देख सकते हो कि किस तरीके के लगते है। 

 7. केरल के एक आदमी ने बनाया चार सीटों वाला सिंगल-इंजन प्लेन

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दोस्तों कोविड -19 के वक्त में बहुत से लोगों ने घर पर बड़ी मुश्किल से टाइम पास किया हुआ होगा क्योंकि उस समय कोई भी घर से बाहर नहीं जा सकता था। किसी ने गेम खेल कर टाइम पास किया होगा तो किसी ने वर्क फ्रॉम होम किया होगा और कुछ लोगों को मजा भी आया होगा क्योंकि स्कूल और कॉलेज सब बंद थे।लेकिन केरला के एक व्यक्ति जिसका नाम अशोक है, उसने खाली बैठकर टाइम पास नहीं किया बल्कि चार सीटों वाला सिंगल-इंजन वाला ‘स्लिंग-टीएसआई’ तैयार किया है और इसका नाम अपनी छोटी बेटी के नाम पर रखा है ” जी-दीया ” ( G-Diya) अब वह अपनी फैमिली के साथ उसी प्लेन में यूरोप घूम रहे है । अशोक ने इस प्लेन को बनाने में करीबन 1.5 करोड़ रुपए खर्च किए हैं और करीबन 1500 घंटे दिए है। अशोक पहले फोर्ड के अंदर काम किया करते थे जोकि प्लेन के इंजन भी बनाते हैं तो इसके पास दो सीटर प्लेन को उड़ाने का लाइसेंस भी है। अब जाकर इन्होंने अपने लिए 4 सीटर प्लेन बनाया है जिसमे वह अपनी फैमिली के साथ यूरोप और यूके घूम भी रहे है। अगर यह इंडिया के अंदर रहकर यह प्लेन बनाते और उड़ाने की कोशिश करते तो शायद यह संभव नहीं था क्योंकि इंडिया के अन्दर प्लेन बना तो सकते है पर उसे उड़ा नही सकते। उत्तर प्रदेश के अंदर एक व्यक्ति ने एक हेलीकॉप्टर बनाया था और उसे सिर्फ 20 फुट ही उड़ाया था तभी वहां पर पुलिस और एयरफोर्स पहुंच गई। यानी कि अगर इंडिया के अन्दर कोई प्लेन बनाकर उड़ाता है तो उसे सजा हो सकती है यहां के कानून बहुत ज्यादा सख्त है। फिलहाल के लिए अशोक अभी यूके में है लेकिन वह भी चाहते है कि इंडिया के अंदर भी ऐसा कानून आ जाए जिससे कि वहां के लोग भी होम बिल्ट प्लेन बनाने शुरू करें और उन्हें उड़ाने की भी परमिशन मिल जाए जिससे कि यह भी अपने 4 सीटर प्लेन से इंडिया आ सके।

8. वनवेब और यूटेलसैट मिलकर अब टक्कर देंगे स्टार लिंक सैटेलाइट को

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दोस्तों यूरोप की दो सबसे बड़ी सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी वनवेब ( OneWeb ) और यूटेलसैट ( Eutelsat ) ने अभी एक दूसरे के साथ में पार्टनरशिप कर ली है क्योंकि उनका जो दुश्मन है स्टार लिंक अब वो काफी ज्यादा हाई लेवल पर जा चुका है जिसकी वजह से इन दोनों को पार्टरनशीप करनी पड़ी । एक समस्या यह भी है कि इन दोनों के पास पहले इतनी ज्यादा फंडिंग नहीं थी क्योंकि 2020 में इन्होंने बैंक करप्ट्सी फाइल कर दी थी जिसके बाद में यूके गवर्नमेंट और मित्तल भारती ने मिलकर इसके 45% स्टैक्स खरीद लिए थे जिसमे दोनों ने 500 मिलियन दिए थे ताकि इसकी बैंक करप्ट्सी को बचाए जा सके।लेकिन उसके बाद भी इनके सामने एक और समस्या आ गई रशिया ने कहा कि हम तुम्हारी सैटेलाइट लॉन्च नहीं करेंगे क्योंकि यहां पर यूके ने पहले से ही इसके स्टैक्स खरीद लिए है जिसमें वह अपनी सैटेलाइट का यूज मिलिट्री के लिए करते है तो एक तरह से यह इनके लिए एक रिस्क है क्योंकि सालों से रशिया वर्सेस वेस्टर्न की लड़ाई चली आ रही है। इसी वजह से दोनों ने पार्टनरशिप कर ली। लेकिन अब इनके पास कई सारे और ऑप्शन भी है जो कम प्राइस में इनके सैटेलाइट को स्पेस में पहुंचा सकते है।

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