एप्पल कि वाटर बोतल जिसका प्राइस 5,400 है चाइना में स्नेक वाइन मिलता है and more random facts

 Fact no. 1

क्या आपको पता है कि एप्पल ने एक वाटर बोतल लॉन्च किया है जिसका प्राइस 5,400 है। जब इसे लॉन्च किया गया तो बहुत से लोगों ने इसका मजाक उड़ाया और कहने लगे कि क्यों कोई इतनी महंगी बोतल को लेगा?यह कोई आम बोतल नहीं है माना कि यह ओवर प्राइज साउंड करता है लेकिन सच में यह ओवर प्राइस है। यह आपके वोटर एंटेंक को इलेक्ट्रिक मेजर करेगा आप अपनी एज और बॉडी के ढांचे के हिसाब से पानी दिन में कितना पानी पी रहे हो। इन सब चीजों को यह बोतल मेजर करता है और इतनी सारी टेक्नोलॉजीकल चीजें इस बोतल में है इसलिए इस बोतल का प्राइस 5,400 है।

 Fact no. 2

वाइन के बारे में तो आप ने जरूर सुना होगा लेकिन क्या आपको पता है चाइना रिपोर्टेडली वह फर्स्ट देश है जहां पर स्नेक वाइन मिलता है। यह एक ऐसा बेवरेज है जिसमें सिर्फ और सिर्फ स्नेक का इस्तेमाल किया जाता है जैसे कि आप मान लीजिए कि एक वाइन के बोतल में पूरा का पूरा स्नेक को गला दिया जाता है और उसके बाद वह राइस वाइन में स्नेक को डाल देते है।तो इस तरीके से बनता है स्नेक वाइन।

 Fact no. 3

Dorothy Fletcher नाम की औरत है जिन्हें वर्ल्ड की सबसे Luckiest Woman माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि 9 नवंबर 2009 में जब यह 67 साल की महिला इंग्लैंड से फ्लोरिडा ट्रेवल कर रही थी तभी अचानक से प्लेन में इनको हार्ट अटैक आने लगता है वह जो फ्लाइट अटेंडेंट है उन्होंने जल्द बाजी में पूछा कि क्या इस फ्लाइट में कोई डॉक्टर है? उस फ्लाइट में एक नही बल्कि पंद्रह डॉक्टर थे और यह सभी कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर थे। दरअसल यह सारे लोग एक साथ मिलकर एक मेडिकल कॉन्फ्रेंस में जा रहे थे जिसमें वह हार्ट के बारे में जानकारी लेना चाहते थे इसीलिए वह 15 डॉक्टर एक साथ थे और इसी के चलते ही उन लोगों ने अपने-अपने टेक्निकस से उस महिला की जान को सक्सेसफुली बचा लिया।

 Fact no. 4

आपने सन स्क्रीन के बारे में तो जरूर सुना होगा और अपनी डेली लाइफ में इस्तेमाल भी जरूर किया होगा।लेकिन क्या आपको पता है जब आप सनस्क्रीन को अपनी बॉडी पर लगाते हैं और इसको आप एक यूवी कैमरा यानी कि अल्ट्रावायलेट कैमरा के अंदर से जब देखोगे तो आपको कुछ अलग सा दिखाई देगा। सनस्क्रीन से क्या होता है कि आपकी बॉडी पर टैनिंग नहीं पड़ती और जो धूप के इफेक्ट को एक्सॉर्ब कर लेता है यानी आपकी स्किन को धूप से बचाता है। यूवी कैमरा से जब आप देखोगे तो आपको ऐसा लगेगा कि किसी ने आपके स्किन पर कोई कोयला पोत दिया हो। और वह आपको नॉर्मली ऐसे नहीं दिखाई देगा बल्कि जब आप यूवी लाइट के नीचे देखोगे तभी आपको यह दिखाई देगा। 

 Fact no. 5

महाराजा जयसिंह यह अलवर के राजा थे इन्होंने सन् 1892 से 1937 तक राज किया था।यहां पर हम आपको एक बहुत ही फेमस कहानी सुनाने वाले है जिसे सुनकर आप भी हैरान हो जाओगे।कहानी यह है कि महाराजा जयसिंह एक बार लंदन गए हुए थे ।वह महाराजा की ड्रेस में नहीं थे बल्कि एक कैजुअल ड्रेस में थे । लंदन में वह एक रॉल्स रॉयल्स के शोरूम में गए तभी वहा के ब्रिटिश सेल्समैन ने उनको अंदर जाने से रोक दिया और धक्के मार कर भगा दिया क्योंकि उस सेल्समैन को कोई आईडिया नहीं था कि वह भारत के इतने बड़े किंग हैं क्योंकि वह कैजुअल ड्रेस में थे और इंडियन थे जिस वजह से सेल्समैन ने उन्हें रिस्पेक्ट भी नहीं दी।उस सेल्समेन को पता नहीं था कि महाराजा जय सिंह कौन है? और क्या थे ?और वह क्या कर सकते थे? शोरूम रोल्स रॉयल्स का था उस समय तो महाराजा ने कुछ नहीं कहा बस वह अपने होटल रूम में आए और अपने सेवकों को कहा कि उसी शोरूम में जाओ और यह कहो कि इंडिया से अलवर सिटी के महाराजा आए है वह रोल्स रॉयल्स को खरीदने में इंटरेस्टेड है । जब यह बात शोरुम वालो को पता चली तो उन्होंने महाराजा के लिए रेड कारपेट से लेकर सब कुछ लाइनअप कर लिया । महराजा ने वहां से 6 रॉल्स रॉयल्स खरीदी और वहां किसी को भी आईडिया नहीं था कि इससे पहले जो इंडियन वहां आया था एक कैजुअल ड्रेस में वो भी वही थे किसी ने इतना कुछ ध्यान नहीं दिया तो महाराज ने 6 गाड़ियां खरीदी और सारा पैसा कैश में दिया और उन सारी गाड़ियों को इंडिया भेजने का सारा खर्चा फुल कैश में ही किया। फिर वह गाड़ी इंडिया में आई तब उन्होंने अलवर में आकर नगर पालिका को रोल्स रॉयल्स गाड़ियों को दे दिया और कहा कि इन गाड़ियों को शहर के हर कोने में भेजो और शहर का जो भी कचरा है इन गाड़ियों से साफ करवाओ। पहले उस गाड़ी का शीशा निकाला गया उसके बाद उसे गार्बेज व्हीकल की तरह इस्तेमाल किया जानें लगा । और थोड़े ही वक्त में पूरे देश में खबर फैल गई कि अलवर के राजा रोल्स रॉयल को कचरा फेंकने वाली गाड़ी की तरह यूज कर रहे है फिर रोल्स रॉयल कंपनी को शौक लगा क्योंकि उनका रेपुटेशन , रेवेन्यू, उनका प्रॉफिट बड़ी तेजी से ड्रॉप करने लगा । फिर रोल्स रॉयल कंपनी के सेल्समैन को यह बात याद आई कि हमारे शोरूम में अलवर के महाराजा आए थे जो कैजुअल ड्रेस में थे ।उसके बाद फाइनली रॉल्स रॉयल्स ने ऑफिशियली टेलीग्राम से सॉरी लेटर भेजा और राजा को 6 रोल्स रॉयस गाडियां फ्री में देना चाहा ।उसके बाद राजा को यह बात अच्छी लगी कि रॉल्स रॉयल कंपनी ने माफी मांग ली और उन्होंने उन छह फ्री गाड़ियों को स्वीकार किया उनके पास अब 12 रॉल्स रॉयल्स गाड़ियां हो चुकी थी और उसके बाद उन्होंने नगर पालिका को ऑर्डर पास कर दिया अब से उन 6 रॉल्स रॉयल्स की गाड़ियों को कचरे के तौर पर इस्तेमाल करना बंद कर दो क्योंकि उन्हें अपनी गलती का एहसास हो गया है और मैं इनके सॉरी के लेटर को स्वीकार करता हूं और यह एक रीयल स्टोरी है।

 Fact no. 6

मरने से पहले आखरी शब्दों ( Last words) के बारे में तो आपने जरूर सुना होगा।जब भी कोई मरता है तो वह लास्ट में ऐसा कुछ कहता है जो की इस पूरी दुनिया के लिए मिस्ट्री बन के रहती है जैसे की स्टीव जॉब्स ने कहा था “oh wow. oh wow .oh wow” तीन बार कहा था शायद उनको मरते समय अपनी पूरी लाइफ का फ़्लैशबैक दिखा था लेकिन हर किसी के लास्ट वर्ड बहुत ही ज्यादा मिस्टीरियस होते है। यही पर थॉमस एडिसन जिसको आप जानते होंगे जिन्होंने लाइट बल्ब का इन्वेंशन किया था उन्होंने कहा था “It is very beautiful over there “ मतलब उस पार जो है वह बहुत ही ज्यादा ब्यूटीफुल है जब वह कोमा से बाहर आए थे और अपनी आंखों को खोला और ऊपर देखकर कहा It is very beautiful over there शायद उन्होंने ऐसा कुछ देखा होगा जो इस दुनिया की समझ से परे था।

 Fact no. 7

आपने अल्फा , बेटा, गामा , डेल्टा इत्यादि के बारे में सुना होगा लेकिन आपने कभी इसका फुल चार्ट देखा है। यह जो आप अपने स्क्रीन पर देख रहे हो यह है इसका पूरा फुल चार्ट है इसमें आप देख सकते हो अल्फा_ गामा_बेटा_डेल्टा और ना जाने उसमें क्या-क्या मौजूद है आप इस पूरी लिस्ट को अपने स्क्रीन पर देख सकते हो।

 Fact no. 8

साल 1959 में वोल्वो कंपनी जोकि अभी बहुत ही ज्यादा रिप्यूटेड कार और बस मैन्युफैक्चूर कंपनी है।उसने 3 पॉइंट सीट बेल्ट को इन्वेंट किया था जोकि वर्ल्ड की सबसे Safest System है सीट बेल्ट का जिसमें कि 3 पॉइंट होते हैं जो आजकल सबसे अच्छी गाड़ियों में यूज़ होता है और सबसे टॉप सेफ्टी सिस्टम भी है। सीट बेल्ट के मामले में 1959 में इसे वोल्वो कंपनी ने इन्वेंट किया था और इससे अनगिनत जानें बची थी क्योंकि यह एक सेफ्टी इन्वेंशन था । इसलिए वोल्वो ने एक ऐसा काम किया जिसमें उसकी तारीफ पूरी दुनिया करती है उन्होंने इस इन्वेंशन का पेटेंट नहीं करवाया अगर आप कोई चीज इन्वेंट करते हो और उसका पेटेंट या फिर कॉपीराइट करते हो तो वह चीज आपकी हो जाती और आप की परमिशन के बिना उसका इस्तेमाल और कोई नहीं कर सकता ।वोल्वो चाहे तो ऐसा कर सकता था 3 प्वाइंट सीट बेल्ट के लिए लेकिन सेफ्टी के नजरिए से ऐसी चीज है कि दुनिया के हर गाड़ी में होनी चाहिए इसीलिए उन्होंने इसको पेटेंट नहीं करवाया ताकि बाकी कार मैन्युफैक्चर कंपनी इसे फ्री में यूज कर सके। यह सेफ्टी की बात है इसीलिए उन्होनें प्रॉफिट नहीं कमाया और आज तक यह पेटेंट फ्री है इसलिए आप बहुत सारी गाड़ियों में 3 पॉइंट की सीट बेल्ट को देखते होंगे। Nils Bohlin वोल्वो कंपनी में मौजूद एक इंजीनियर थे उन्होंने इस 3 पॉइंट सीट बेल्ट को इन्वेंट किया था ।

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