आप अपने विचारों से इस दुनिया को कैसे बदल सकते हैं?


आपके विचार इस दुनिया को बदल सकता हैं। जी हां दोस्तों आज हम बात करने जा रहे हैं अपने विचारों के बारे में , कैसे हमारे विचार इस दुनिया को बदल सकते हैं? हमारे अंदर दो तरह के विचार आते हैं पहला हैं सकारात्मक विचार दूसरा हैं नकरात्मक विचार ।हम अपने जीवन में किस विचार को ज्यादा महत्व देते हैं यह सिर्फ हम पर निर्भर करता है ।हमारी सोच ही हमारे जीवन को एक नई दिशा देती है। सुख और दुख हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है । पर कभी-कभी हमारे जीवन में ऐसा मोड़ आ जाता है कि हमें समझ नहीं आता कि हमारी सोच गलत है या फिर हमारा समय । इंसान के विचार ही उसे सज्जन से दुर्जन और दुर्जन से सज्जन बना सकते हैं। इंसान का एक विचार उसे इस दुनिया में प्रसिद्ध भी कर सकता है और एक बुरा विचार उसे समाज की नजरों में गिरा भी सकता है।


आपके विचार इस दुनिया को बदल सकता हैं। जी हां दोस्तों आज हम बात करने जा रहे हैं अपने विचारों के बारे में , कैसे हमारे विचार इस दुनिया को बदल सकते हैं? हमारे अंदर दो तरह के विचार आते हैं पहला हैं सकारात्मक विचार दूसरा हैं नकरात्मक विचार ।हम अपने जीवन में किस विचार को ज्यादा महत्व देते हैं यह सिर्फ हम पर निर्भर करता है ।हमारी सोच ही हमारे जीवन को एक नई दिशा देती है। सुख और दुख हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है । पर कभी-कभी हमारे जीवन में ऐसा मोड़ आ जाता है कि हमें समझ नहीं आता कि हमारी सोच गलत है या फिर हमारा समय । इंसान के विचार ही उसे सज्जन से दुर्जन और दुर्जन से सज्जन बना सकते हैं। इंसान का एक विचार उसे इस दुनिया में प्रसिद्ध भी कर सकता है और एक बुरा विचार उसे समाज की नजरों में गिरा भी सकता है।

अगर आपको जीवन में सफल होना है तो सबसे पहले आप अपने विचारों को बदलिए क्योंकि आपके विचार ही इस दुनिया को बदल सकते हैं। आप इस दुनिया को तब तक नहीं बदल सकते जब तक आप खुद को ना बदल लें। जीवन में सफल भी वही लोग होते हैं जो महान लोगों के विचारों को अपनाकर अपने जीवन में बदलाव लाते हैं।

परिवर्तन ही इस दुनिया का शाश्वत सत्य है । हमारे विचार भी हर समय परिवर्तित होते रहते हैं। हमारे जीवन में आने वाली चुनौतियां हमारे विचारों की भी काफी हद तक प्रभावित करता है। हमारे जीवन में कई बार ऐसी समस्या आती है कि हम ना चाह कर भी गलत राह पर चल पड़ते हैं या फिर हमें समझ नहीं आता कि क्या गलत है और क्या सही है। शायद उस वक्त हमारा दिल और दिमाग भी हमें सही राह नहीं दिखा पाता।

आज का युग वैज्ञानिक युग है । आज के समय में इंसान की इच्छाओं के अनुसार हर पल उसकी सोच बदलती रहती है या फिर हमें यह भी कह सकते हैं कि इंसान की सोच उसके इच्छाओं पर टिका हुआ है ।अगर इंसान का काम उसकी इच्छाओं के अनुसार हो रहा है तो ठीक है वरना वह दूसरों को कोसता रहता है । अंत में हम यह कह सकते हैं कि hajre सोच ही हमारे अंदर और इस दुनिया में बदलाव ला सकती है।

1. स्वयं को समय दें

आजकल इस दुनिया में इतनी भगमदौड़ है कि इंसान के पास खुद के लिए भी समय नहीं है। आप खुद को समय दे, खुद से सवाल करें कि मैं कौन हूं ? मैं इस काम को कर सकता हूं ।दुनिया मेरे बारे में क्या सोचती हैं इससे मुझे फर्क नहीं पड़ता ? मेरे अंदर ऐसी कौन सी खामियां हैं जो मेरे आत्मविश्वास को कम करती हैं ? इत्यादि सवाल खुद से तब तक करें जब तक आपके अंदर सकारात्मक विचार पैदा ना हो जाए ।जब हम खुद से सवाल करते हैं तो हमारे अंदर काफी सारे बदलाव आते हैं। हमारा दिमाग इन सवालों के जवाब ढूंढने के लिए मजबूर हो जाता हैं।

2. अपनी गलतियों को स्वीकार करें

इंसान जीवन में बिना गलती के रह पाए यह असंभव है। गलती अगर भगवान से हो सकती है तो भला इंसान से क्यों नहीं हो सकती । अगर आप अपनी गलती को छुपाने की बजाय उसे स्वीकार करें और अपनी गलतियों से कुछ नया सीखे तो यह आपके जीवन के लिए बहुत लाभदायक हो सकता है ।जब आप गलतियों को छुपाते हैं तो उस गलती के लिए आपको बार-बार झूठ बोलना पड़ता है ।और दोस्तों आपको पता भी होगा इंसान का स्वभाव ऐसा है कि वह सच को तो याद रख सकता है पर झूठ को नहीं। एक झूठ को छुपाने के लिए उसे सौ झूठ बोलने पड़ते हैं ।इसलिए बेहतर यही है कि आप गलतियों को छुपाने की बजाय उसे स्वीकार करें । इससे आपकी सोच में भी बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ता है

3.अपना लक्ष्य निर्धारित करें

जीवन में अगर सफल होना है तो सबसे पहले अपना एक लक्ष्य निर्धारित करें। हमारे जीवन का लक्ष्य भी हमारे विचारों को एक नई दिशा देता है ।जब हमें पता होता है कि हमने जीवन में क्या करना है तो हमारे विचार भी उसी दिशा में चल पड़ता हैं । आप डायरी लिखना शुरू कीजिए। डायरी में अपने जीवन का लक्ष्य , कैसे काम करना है , और आज आपने क्या सीखा ? यह सारी चीज़े डायरी में लिखे। इस तरह से लिख कर भी आप अपने विचारों को एक सही दिशा दे सकते हैं।

4. बोलने से पहले सोचे

कुछ भी बोलने से पहले एक बार अवश्य सोचें क्योंकि कभी-कभी आपकी बात सामने वाले को बुरी लग सकती है। आप क्या सोचते हैं ? आपकी सोच कैसी है ? आपकी बातों से पता चल जाता है इसलिए जो भी बोले सोच समझकर बोले और किसी से बात करते समय उससे बहस ना करें।

5. जीवन में कुछ नया सीखे

हर दिन कुछ नया सीखे । इससे आपका दिल और दिमाग हमेशा सक्रिय रहेगा। खुद को चुनौती दे कि आपने यह कार्य इतने समय में करना ही करना है ।जीवन में हर रोज नई-नई गतिविधियां ( activities) कीजिए । एक काम को अलग अलग तरीके से कैसे करना है यह सोचिए , अर्थात अपने दिमाग को चुनौती देकर कुछ नया सोचने के लिए मजबूर कर दे।

6. अनुशासन का पालन करें

अपने जीवन के लिए एक टाइम टेबल बना लीजिए ।काम को समय से पूर्व खत्म करने की आदत डालें। हर एक छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें जो आपके हमेशा सतर्क और सावधान रखें। इस तरह से आप अनुशासन का पालन करके भी अपने विचारों को एक दृढ़ संकल्प दे सकते हैं।

7. योग और व्यायाम करें

रोज सुबह उठकर योग और व्यायाम करें। इससे हमारा दिमाग और शरीर दोनों सक्रिय रहता है । इससे हमारे अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है जिससे हमारे विचार भी सकारात्मक होते हैं।

8. सोने से पहले दैनिक कार्य को सोचें

रात को सोने से पहले आज सारा दिन हमने क्या किया ? उस चीज की कल्पना करें और कल आपने क्या करना है उसे अपने मन में बार बार दोहराएं। सोने से पहले जो भी सोचे सब सकरात्मक विचार होना चाहिए क्योंकि सोने से पहले सोचा गया विचार अगली सुबह का पहला विचार होता है जो सारा दिन हमारे दिमाग में चलता रहता है ।इसीलिए सोने से पहले और सुबह उठने के बाद मन में जो भी विचार आए वह सब सकरात्मक ही होना चाहिए।

निष्कर्ष –
इस तरह से हमने जाना कि कैसे हम अपने विचारों से इस दुनिया को बदल सकते हैं । अगर हमने जीवन में सफल भी होना है तो हमारे विचारों में दृढ़ संकल्प होना चाहिए। हमारे विचार ही हमारे जीवन की दिशा और दशा दोनों को तय करते हैं। इसलिए हमे सकारात्मक सोच रखनी चाहिए और अपने जीवन को एक सही दिशा दीजिए।

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